Jharkhand Student Protest at Jaipal Singh Munda Stadium in Ranchi despite heavy rain, demanding a CBI investigation
Jharkhand Students Protest: रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम परिसर में इन दिनों एक अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है। यहां न कोई राजनीतिक रैली है और न ही कोई उत्सव, बल्कि अपने भविष्य को सुरक्षित करने की उम्मीद में सैकड़ों छात्र-छात्राएं लगातार धरने पर बैठे हैं। देर रात तक होने वाली तेज बारिश, खुले आसमान और सीमित संसाधनों के बावजूद आंदोलनकारी छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
Jharkhand Students Protest अब केवल एक धरना नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं की उम्मीदों और रोजगार को लेकर बढ़ती चिंता का प्रतीक बनता जा रहा है। आंदोलन का केंद्र बिंदु JPSC, JSSC और CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को रद्द करने की मांग है।
बारिश भी नहीं तोड़ सकी छात्रों का हौसला
रात गहराने के साथ बारिश लगातार तेज होती रही, लेकिन धरना स्थल पर मौजूद छात्र-छात्राओं के हौसले कमजोर नहीं पड़े। कोई प्लास्टिक की चादर के नीचे बैठकर साथी छात्रों के साथ चर्चा करता दिखा तो कोई भीगते हुए नारे लगाता रहा। कुछ छात्र जमीन पर ही चादर बिछाकर आराम करने की कोशिश करते रहे, जबकि कई पूरी रात जागकर व्यवस्था संभालते रहे।
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धरना स्थल पर मौजूद युवाओं का कहना है कि यह संघर्ष किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करने की कोशिश है।
छात्राओं ने बताई सबसे बड़ी चुनौती
Jharkhand Students Protest में बड़ी संख्या में छात्राएं भी शामिल हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं पलामू की छात्रा अर्चना कुमारी ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या मूलभूत सुविधाओं की कमी है। विशेष रूप से छात्राओं के लिए शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के बीच भी छात्राएं आंदोलन स्थल पर डटी हुई हैं। यदि स्थानीय प्रशासन अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था कर दे तो छात्राओं को बड़ी राहत मिल सकती है। उनका कहना है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सभी छात्र-छात्राएं अपने भविष्य के लिए संघर्ष जारी रखने को तैयार हैं।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की बढ़ी चिंता
धरना स्थल पर कई छात्र लगातार भूख हड़ताल पर भी बैठे हुए हैं। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कई दिनों से अनशन कर रहे हैं। वहीं एक अन्य अभ्यर्थी बिना टेंट के खुले आसमान के नीचे लगातार भूख हड़ताल जारी रखे हुए है।
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प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई गई और कई बार अनशन खत्म करने की अपील भी की गई, लेकिन आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
सिर्फ निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग
आंदोलन में शामिल छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध करना नहीं है। धरना स्थल पर लगाए गए बैनरों और पोस्टरों में भी स्पष्ट लिखा गया है कि यह आंदोलन पूरी तरह छात्रों का है और इसमें किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप की अनुमति नहीं है।
छात्रों की मुख्य मांग है कि JPSC, JSSC और CGL परीक्षाओं में सामने आए विवादों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो और भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का भरोसा दोबारा स्थापित किया जाए।
भोजन और जरूरी सुविधाओं की भी बनी चुनौती
लगातार बारिश और धरने की वजह से भोजन की व्यवस्था भी चुनौती बन गई है। समाजसेवी संगठन और स्थानीय लोग छात्रों तक भोजन पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर जरूरतमंद तक समय पर खाना नहीं पहुंच पा रहा है।
कई छात्र एक-दूसरे के साथ खाना साझा करते दिखाई दिए। कुछ ने बिस्कुट और हल्के नाश्ते से ही काम चलाया। बावजूद इसके किसी ने शिकायत नहीं की। अधिकांश छात्रों का कहना है कि यदि यह संघर्ष उनके भविष्य को सुरक्षित बना सकता है तो ये कठिनाइयां स्वीकार हैं।
रातभर डटी रहीं छात्राएं
Jharkhand Students Protest की सबसे प्रेरणादायक तस्वीरों में छात्राओं की सक्रिय भागीदारी भी शामिल है। देर रात तक वे धरना स्थल पर मौजूद रहीं। कोई साथियों के लिए चाय बना रही थी, कोई व्यवस्था संभाल रही थी तो कोई अनशन पर बैठे छात्रों की देखभाल कर रही थी।
बारिश और ठंड के बावजूद छात्राओं के चेहरे पर आत्मविश्वास और अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ता साफ दिखाई दे रही थी। उनका कहना है कि रोजगार और पारदर्शिता का सवाल केवल लड़कों का नहीं, बल्कि हर युवा का है।
गीतों और नारों के बीच बीत रही रात
धरना स्थल पर रात के समय संघर्ष के साथ उम्मीद भी दिखाई देती है। कई छात्र गीत गाकर अपने साथियों का मनोबल बढ़ाते हैं, जबकि कुछ समूहों में बैठकर भर्ती व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर चर्चा करते हैं।
बारिश की आवाज, नारों की गूंज और युवाओं के संकल्प ने पूरे माहौल को अलग स्वरूप दे दिया है। यहां मौजूद अधिकांश छात्र मानते हैं कि संघर्ष लंबा हो सकता है, लेकिन वे पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं।
भर्ती व्यवस्था में भरोसा लौटाने की मांग
आंदोलनरत छात्रों का कहना है कि झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं के मन में लगातार सवाल उठ रहे हैं। उनका मानना है कि यदि निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाती है, तो लाखों युवाओं का विश्वास फिर से बहाल हो सकता है।
वे चाहते हैं कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो, परीक्षा प्रणाली मजबूत बने और भविष्य में किसी भी अभ्यर्थी को अनियमितताओं का सामना न करना पड़े।
संघर्ष अभी जारी है
बारिश कभी तेज होती है तो कभी थम जाती है, लेकिन धरना स्थल पर बैठे छात्रों का संकल्प नहीं बदलता। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बीत रही ये रातें केवल एक आंदोलन की कहानी नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं की उम्मीदों की गवाही हैं जो अपने भविष्य के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं।
Jharkhand Students Protest फिलहाल जारी है और अब सभी की नजर प्रशासन तथा सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। छात्रों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और पारदर्शी निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
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