Uttarakhand THDC tunnel accident site in Chamoli where 10 workers lost their lives
Uttarakhand THDC Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले में विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (VPHEP) की निर्माणाधीन टेल रेस टनल (TRT) में हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक सहायता पर सहमति बन गई है। 13 अगस्त 2026 को हुए इस हादसे में 10 श्रमिकों की जान चली गई थी, जबकि 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। अब मृत श्रमिकों के आश्रितों को करीब 45-45 लाख रुपये और घायल श्रमिकों को कुल 3.50 लाख रुपये की सहायता देने का निर्णय लिया गया है।
13 अगस्त को टनल में हुआ था बड़ा हादसा
Uttarakhand THDC Tunnel Accident 13 अगस्त की शाम मायापुर-पीपलकोटी क्षेत्र में हुआ था। निर्माणाधीन टेल रेस टनल में अचानक भूस्खलन के साथ पानी का रिसाव शुरू हो गया। पानी के तेज बहाव के साथ बड़ी मात्रा में मलबा टनल के भीतर पहुंच गया, जिससे वहां काम कर रहे श्रमिकों के सामने गंभीर संकट पैदा हो गया।
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हादसे के समय टनल के अंदर कुल 22 श्रमिक काम कर रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और अन्य बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर अभियान संभाला।
117 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद टनल के भीतर फंसे श्रमिकों को बाहर निकालना बचाव दलों के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। मलबे और पानी के बीच लगातार अभियान चलाया गया। कई दिनों तक राहत एवं बचाव कार्य जारी रहा।
करीब 117 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद टनल में प्रभावित सभी श्रमिकों को बाहर निकाल लिया गया। हादसे में 10 श्रमिकों की मौत हुई, जबकि 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद अब प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का रास्ता साफ हुआ है।
मृत श्रमिकों के आश्रितों को 45-45 लाख रुपये
शुक्रवार, 21 अगस्त को चमोली के उप जिलाधिकारी राज कुमार पांडेय की अध्यक्षता में THDC India Limited (THDCIL), Hindustan Construction Company (HCC) और हिंदुस्तान जल विद्युत परियोजना निर्माण श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई।
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बैठक में हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों और घायल श्रमिकों को दी जाने वाली सहायता राशि पर विस्तार से चर्चा की गई। विचार-विमर्श के बाद प्रत्येक मृत श्रमिक के संबंधित आश्रित को करीब 45 लाख रुपये की कुल आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी।
इस राशि में अलग-अलग स्रोतों से मिलने वाली अनुमन्य सहायता को शामिल किया जाएगा। इससे हादसे में जान गंवाने वाले 10 श्रमिकों के परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
THDCIL और HCC देंगे 11.50-11.50 लाख रुपये
समझौते के मुताबिक प्रत्येक मृत श्रमिक के आश्रित को मिलने वाली करीब 45 लाख रुपये की सहायता राशि में THDCIL और HCC की ओर से भी निर्धारित राशि शामिल होगी।
THDCIL की ओर से 11.50 लाख रुपये और HCC की ओर से 11.50 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा राज्य सरकार, केंद्र सरकार और श्रमिक मुआवजा समेत अन्य नियमों के तहत मिलने वाली अनुमन्य सहायता भी कुल राशि में शामिल होगी।
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इस व्यवस्था का उद्देश्य हादसे से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहारा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अपने प्रियजन को खोने के बाद आर्थिक परेशानियों का सामना कम करना पड़े।
घायल श्रमिकों को मिलेंगे 3.50 लाख रुपये
Uttarakhand THDC Tunnel Accident में घायल हुए 12 श्रमिकों के लिए भी सहायता राशि तय की गई है। बैठक में प्रत्येक घायल श्रमिक को कुल 3.50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने पर सहमति बनी।
इस फैसले से हादसे में घायल हुए श्रमिकों को उपचार और अन्य जरूरी खर्चों के लिए आर्थिक मदद मिल सकेगी। सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आवश्यक दस्तावेज और सत्यापन पूरा होने के बाद आगे बढ़ाई जाएगी।
दस्तावेज पूरे होते ही एक सप्ताह में भुगतान
बैठक में सहायता राशि के भुगतान की समयसीमा को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। मृत श्रमिकों के आश्रितों और घायल श्रमिकों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने के बाद उनका सत्यापन किया जाएगा।
सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्धारित सहायता राशि को एक सप्ताह के भीतर संबंधित लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर करने की कार्रवाई की जाएगी। इससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
श्रमिक संघ ने रखी थी सम्मानजनक सहायता की मांग
वार्ता के दौरान हिंदुस्तान जल विद्युत परियोजना निर्माण श्रमिक संघ की ओर से दुर्घटना प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों को उचित एवं सम्मानजनक आर्थिक सहायता देने की मांग प्रमुखता से रखी गई। प्रतिनिधियों ने हादसे से प्रभावित परिवारों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सहायता राशि तय करने की मांग की थी। विस्तृत चर्चा के बाद सभी पक्षों के बीच सहायता राशि को लेकर सहमति बनी। बैठक को सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण बताया गया।
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परियोजना का निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराने में सहयोग
आर्थिक सहायता पर सहमति बनने के साथ ही परियोजना के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने को लेकर भी महत्वपूर्ण बात सामने आई। श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों ने परियोजना के निर्माण कार्य में सहयोग जारी रखने की बात कही।
साथ ही कार्यों को दोबारा शुरू करने में भी सहयोग देने पर सहमति जताई गई। हालांकि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सुरक्षा से जुड़े आवश्यक उपायों और परिस्थितियों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण होगा।
बैठक में मौजूद रहे THDCIL और HCC के अधिकारी
बैठक में THDCIL की ओर से अधिशासी निदेशक (VPHEP) अजय वर्मा, महाप्रबंधक रविंद्र सिंह राणा, अपर महाप्रबंधक शंभू प्रसाद डोभाल और वरिष्ठ प्रबंधक वीरेंद्र दत्त भट्ट मौजूद रहे।
वहीं HCC की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर विनोद कुमार, अधिशासी अभियंता विनय कुमार उपाध्याय और वरिष्ठ प्रबंधक गौतम विश्वास ने हिस्सा लिया। श्रमिक संघ की ओर से महासचिव सोहन कुमार, उपाध्यक्ष गोपाल सिंह नेगी और अन्य पदाधिकारी बैठक में शामिल हुए।
हादसे के बाद परिवारों को मिली आर्थिक राहत की उम्मीद
Uttarakhand THDC Tunnel Accident ने निर्माणाधीन परियोजनाओं में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। हादसे के बाद लंबे समय तक चले बचाव अभियान में सुरक्षा एजेंसियों और राहत दलों ने लगातार काम किया। अब मुआवजे पर सहमति बनने से मृत श्रमिकों के परिवारों और घायल श्रमिकों को आर्थिक राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
फिलहाल अगला चरण जरूरी दस्तावेजों के सत्यापन और सहायता राशि को लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाने का है। साथ ही परियोजना में आगे के काम को लेकर भी सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक तैयारियों पर विशेष ध्यान देना अहम होगा।
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