Noida New Expressway four-lane road project connecting sectors near Yamuna.(PC- AI)
Noida New Expressway: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। Noida New Expressway के जरिए शहर में सड़क कनेक्टिविटी को नया विकल्प मिलने वाला है। यमुना-हरनंदी दोआब क्षेत्र के किनारे करीब 29 किलोमीटर लंबा चार लेन कॉरिडोर विकसित करने की योजना है। इसका सबसे बड़ा उद्देश्य नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना है।
इस परियोजना से करीब 5 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। इसमें कई सेक्टर, गांव और ग्रुप हाउसिंग सोसायटियां शामिल हैं। नया मार्ग तैयार होने के बाद यमुना किनारे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
Noida New Expressway से मिलेगी वैकल्पिक कनेक्टिविटी
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर पिछले कुछ वर्षों में ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ा है। रिहायशी और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने के साथ वाहनों की संख्या भी बढ़ी है। पीक ऑवर में कई हिस्सों में वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है।
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इसी समस्या को देखते हुए Noida New Expressway को एक वैकल्पिक यातायात मार्ग के तौर पर विकसित करने की योजना है। यह कॉरिडोर यमुना और हरनंदी नदियों के बीच के क्षेत्र से होकर गुजरेगा। इससे मुख्य एक्सप्रेसवे पर निर्भरता कुछ कम हो सकती है।
29 किलोमीटर का होगा पूरा कॉरिडोर
प्रस्तावित Noida New Expressway की लंबाई करीब 29 किलोमीटर बताई गई है। इसमें यमुना तटबंध के आसपास का हिस्सा और हरनंदी क्षेत्र का हिस्सा शामिल होगा। रिपोर्टों के मुताबिक करीब एक किलोमीटर हिस्से को यमुना दोआब में और करीब 17 किलोमीटर हिस्से को हरनंदी दोआब क्षेत्र में चार लेन के मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा।
परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मौजूदा सड़क नेटवर्क के इस्तेमाल से जुड़ा है। सिंचाई विभाग के पास इस क्षेत्र में पहले से जमीन और सड़क की पर्याप्त चौड़ाई वाले हिस्से मौजूद हैं। इससे बड़े पैमाने पर नई जमीन खरीदने की जरूरत कम हो सकती है।
सेक्टर-135 से सेक्टर-150 तक अहम कनेक्शन
इस योजना में सेक्टर-135 से सेक्टर-150 तक की कनेक्टिविटी भी महत्वपूर्ण है। सेक्टर-150 के पास यह मार्ग कुंडली बांगर की तरफ से आने वाली 75 मीटर चौड़ी सड़क से जोड़ा जाएगा। आगे इसे यमुना एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले मार्ग से जोड़ने की योजना है।
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इस कनेक्शन से नोएडा के कई हिस्सों से यमुना एक्सप्रेसवे की तरफ जाने वाले यात्रियों को नया विकल्प मिल सकता है। इससे ग्रेटर नोएडा और जेवर की दिशा में जाने वाले वाहनों को भी फायदा होने की उम्मीद है।
जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी भी होगी आसान
Noida New Expressway का एक बड़ा फायदा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी को लेकर बताया जा रहा है। प्रस्तावित मार्ग को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। इसके बाद नोएडा और आसपास के इलाकों से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान हो सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार इस कनेक्टिविटी से जुड़े इलाकों से एयरपोर्ट की दूरी करीब 30 किलोमीटर रह जाएगी। हालांकि वास्तविक यात्रा दूरी और समय शुरुआती बिंदु तथा अंतिम कनेक्शन पर निर्भर करेगा।
25 सेक्टर और 20 गांवों को मिलेगा फायदा
नए कॉरिडोर का असर नोएडा के बड़े क्षेत्र पर पड़ने की उम्मीद है। करीब 25 सेक्टरों और 20 गांवों के अलावा 75 से अधिक ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों को इससे फायदा मिलने की बात सामने आई है।
इनमें सेक्टर-94, 124, 125, 126, 127, 128, 129, 130, 131, 132, 133, 134, 135, 150, 151, 152, 153, 154, 155, 158, 159, 163, 164 और 168 शामिल हैं। रायपुर, बख्तावरपुर, असगरपुर जहांगीर, सुल्तानपुर, शाहपुर गोवर्धनपुर, नंगला नगली, रोहिल्लापुर, मंगरौली, मोहियापुर, बदौली, झट्टा, गुलावली और मोमनाथल समेत कई गांवों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
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75 से ज्यादा सोसायटियों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
यमुना किनारे नोएडा के कई हिस्सों में तेजी से आवासीय विकास हुआ है। यहां बड़ी संख्या में ग्रुप हाउसिंग सोसायटियां विकसित हो रही हैं। इन क्षेत्रों में आने वाले समय में यातायात का दबाव और बढ़ सकता है।
ऐसे में Noida New Expressway इन सोसायटियों के लिए वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध करा सकता है। इससे लोगों को मुख्य एक्सप्रेसवे के अलावा दूसरा मार्ग मिलेगा। रोजाना ऑफिस जाने वाले लोगों और स्थानीय निवासियों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण हो सकता है।
29 किमी प्रोजेक्ट और ₹200 करोड़ वाली योजना में अंतर
इस परियोजना को लेकर लागत के आंकड़े में अंतर भी सामने आया है। 29 किलोमीटर के पूरे चार लेन कॉरिडोर की हालिया रिपोर्टों में लागत करीब ₹500 करोड़ बताई गई है। वहीं सेक्टर-135 से सेक्टर-150 तक करीब 10 किलोमीटर के Yamuna Pushta Road extension की अनुमानित लागत करीब ₹200 करोड़ बताई गई है। इसलिए ₹200 करोड़ का आंकड़ा पूरे 29 किलोमीटर के प्रोजेक्ट के बजाय करीब 10 किलोमीटर के अलग विस्तार से संबंधित माना जा रहा है।
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पहले से बनी सड़क का भी होगा सुधार
नोएडा में यमुना तटबंध के साथ करीब 11.2 किलोमीटर लंबी चार लेन सड़क पहले से मौजूद है। इसके नवीनीकरण का काम भी किया जा रहा है। इसकी अनुमानित लागत करीब ₹34 करोड़ बताई गई है। इसमें से ₹11 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। मौजूदा सड़क के सुधार और नए कॉरिडोर के विस्तार से यमुना किनारे का सड़क नेटवर्क मजबूत होने की उम्मीद है। इससे भविष्य में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यातायात को नए विकल्प मिल सकते हैं।
ट्रैफिक के साथ इलाके के विकास को भी मिलेगी रफ्तार
Noida New Expressway केवल ट्रैफिक कम करने वाली परियोजना नहीं होगी। इसके साथ यमुना किनारे विकसित हो रहे इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की भी उम्मीद है। बेहतर सड़क नेटवर्क से आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक गतिविधियों और आसपास के गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत हो सकती है।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार इस तरह की कनेक्टिविटी भविष्य के शहरी विस्तार को ध्यान में रखकर भी महत्वपूर्ण है। नया मार्ग तैयार होने के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे को वैकल्पिक रास्ता मिलेगा। इससे आने वाले वर्षों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को संभालने में मदद मिल सकती है।
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1 ने “Noida New Expressway: 29 किमी का नया 4 लेन एक्सप्रेसवे, 5 लाख लोगों को मिलेगा फायदा, एयरपोर्ट की दूरी होगी करीब 30 किमी” पर विचार किया;