Amit Shah outlines Drug Free India 2029 action plan against drug trafficking.(PC- ANI)
Drug Free India 2029 को लेकर केंद्र सरकार ने अपने एक्शन प्लान को और स्पष्ट किया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स यानी ANTF प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 2029 तक भारत से ड्रग्स के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए सभी एजेंसियों को एक दिशा में काम करना होगा।
सरकार का Drug Free India 2029 रोडमैप सिर्फ ड्रग्स की जब्ती तक सीमित नहीं है। इसमें पूरे नेटवर्क को तोड़ने पर जोर दिया गया है। इसमें ड्रग्स की सप्लाई, ट्रांसपोर्टेशन, स्थानीय नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और डिजिटल कड़ियों की जांच शामिल है।
Drug Free India 2029 के लिए तय किया गया मिशन मोड
अमित शाह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को देश की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए सभी स्तरों पर मिलकर काम करना होगा। उन्होंने इस अभियान में स्पष्ट लक्ष्य, समयसीमा और जवाबदेही तय करने की जरूरत बताई।
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सरकार ने जून 2026 में Vision Document on Narcotics Control 2026-2029 जारी किया था। गृह मंत्रालय के अनुसार, यह दस्तावेज नशे के पूरे नेटवर्क को स्रोत से वितरण तक खत्म करने के लिए तीन साल का रोडमैप है। इसमें समयबद्ध समीक्षा की व्यवस्था भी रखी गई है।
अमित शाह ने बैठक और रिपोर्टिंग आधारित काम के बजाय परिणाम आधारित कार्रवाई पर जोर दिया। उनका कहना था कि केवल ड्रग्स की जब्ती को सफलता का पैमाना नहीं माना जाना चाहिए। इसके साथ पूरे नेटवर्क को खत्म करना और मामलों में दोषसिद्धि तक पहुंचना जरूरी है।
ANTF को मिशन कमांड की तरह काम करने का निर्देश
Drug Free India 2029 अभियान में ANTF की भूमिका को अहम बनाया गया है। अमित शाह ने कहा कि ANTF को केवल जब्ती करने वाली एजेंसी के रूप में नहीं, बल्कि पूरे एंटी-नारको मिशन की कमांड की तरह काम करना चाहिए।
उन्होंने जिलों को नशे के खिलाफ लड़ाई की मूल इकाई बनाने पर जोर दिया। उनका कहना था कि ड्रग्स से जुड़े मामलों में आगे और पीछे दोनों स्तरों की जांच जरूरी है। इसमें ड्रग्स के स्रोत का पता लगाना शामिल है। साथ ही यह भी पता लगाना होगा कि ड्रग्स किस नेटवर्क के जरिए अलग-अलग इलाकों तक पहुंच रहे हैं।
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10 लाख संस्थानों तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान
Drug Free India 2029 में युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान को भी प्रमुखता दी गई है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, 1 लाख नशामुक्त मित्र के लक्ष्य में अब तक 46,780 लोग पंजीकृत हो चुके हैं और काम कर रहे हैं।
इन नशामुक्त मित्रों के जरिए देश के 10 लाख स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों तक पहुंचने की योजना है। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना है। साथ ही कैंपस के निदेशकों और जिम्मेदार अधिकारियों को भी संवेदनशील बनाया जाएगा। सरकार की रणनीति में नशे की मांग को कम करना और नुकसान को रोकना भी शामिल है। Vision Document में डिमांड रिडक्शन और हार्म रिडक्शन को प्रमुख स्तंभों में रखा गया है।
चार स्तंभों पर आधारित है 2026-29 का रोडमैप
सरकार के Vision Document 2026-2029 में नारकोटिक्स कंट्रोल के लिए चार प्रमुख स्तंभ तय किए गए हैं। इनमें इंटेलिजेंस और ऑपरेशन आधारित एनफोर्समेंट, प्रीकर्सर और सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण, डिमांड और हार्म रिडक्शन तथा क्षमता निर्माण और समन्वय शामिल हैं।
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PIB के मुताबिक, इन चार स्तंभों के तहत 100 से ज्यादा लक्ष्य तय किए गए हैं। इससे अभियान को केवल कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय अलग-अलग स्तरों पर जिम्मेदारियां तय करने की कोशिश की गई है।
ड्रग कार्टेल पर तीन स्तरों पर होगी कार्रवाई
Drug Free India 2029 के तहत ड्रग कार्टेल के नेटवर्क को तीन स्तरों पर निशाना बनाने की रणनीति बताई गई है। पहला स्तर ड्रग्स के देश में प्रवेश का है। दूसरा अंतरराज्यीय वितरण नेटवर्क है। तीसरा जिलों में सक्रिय स्थानीय नेटवर्क है।
अमित शाह ने जिलों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर कार्रवाई करने की बात कही। इनमें ड्रग्स बनाने या देश में प्रवेश के लिए इस्तेमाल होने वाले जिले, ट्रांसपोर्टेशन कॉरिडोर वाले जिले और ड्रग्स की खपत वाले जिले शामिल हैं। इससे एजेंसियों को स्थानीय स्तर पर अलग-अलग तरह की रणनीति बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सिंथेटिक ड्रग्स, डार्कनेट और क्रिप्टो पर भी नजर
Drug Free India 2029 में पारंपरिक ड्रग नेटवर्क के साथ नई तकनीक आधारित चुनौतियों पर भी ध्यान दिया गया है। सरकार ने सिंथेटिक ड्रग्स और गुप्त प्रयोगशालाओं के खिलाफ कार्रवाई को एजेंडे में प्रमुख स्थान दिया है।
डार्कनेट और क्रिप्टो से जुड़े मामलों की जांच भी रोडमैप का हिस्सा है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन माध्यमों से होने वाली ड्रग तस्करी और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों का पता लगाना है। अमित शाह ने वित्तीय जांच और डिजिटल लिंक को मजबूत करने पर भी जोर दिया। इससे ड्रग नेटवर्क के पीछे मौजूद वित्तीय ढांचे तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
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विदेशों में बैठे तस्करों पर भी कार्रवाई
सरकार की रणनीति भारत तक सीमित नहीं है। अमित शाह ने विदेशों में बैठकर भारत में ड्रग्स की सप्लाई करने वाले भगोड़ों को पकड़कर भारतीय अदालतों तक लाने की जरूरत बताई।
भारत में मौजूद विदेशी आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई और ब्लैकलिस्टिंग की बात कही गई है। उद्देश्य यह है कि ऐसे लोग दोबारा भारत में ड्रग नेटवर्क खड़ा न कर सकें। इसके अलावा हर ANTF सूचना को कार्रवाई योग्य इंटेलिजेंस में बदलने की प्रक्रिया को पुलिस की कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।
देहरादून और लखनऊ में बनेंगे NCB के नए जोनल कॉम्प्लेक्स
सम्मेलन के दौरान अमित शाह ने लखनऊ और देहरादून में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के नए जोनल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला भी रखी। इसके अलावा नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने वाले टीवी कमर्शियल लॉन्च किए गए। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बेहतर प्रदर्शन करने वाले ANTF को सम्मानित भी किया गया।
Drug Free India 2029 के तहत सरकार ने कार्रवाई, जागरूकता, जांच और समन्वय को एक साथ जोड़ने की रणनीति बनाई है। अब इस रोडमैप की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि तय किए गए लक्ष्यों को राज्यों और जिलों में किस तरह लागू किया जाता है और ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कितनी प्रभावी साबित होती है।
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1 ने “Drug Free India 2029: 2029 तक ड्रग्स के कारोबार को खत्म करने का लक्ष्य, अमित शाह ने बताया पूरा एक्शन प्लान” पर विचार किया;