Bhopal Master Plan 2047 proposed growth corridor and urban development
Bhopal Master Plan 2047: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के भविष्य को लेकर लंबे समय से चल रही मास्टर प्लान की कवायद अब नए चरण में पहुंच गई है। Bhopal Master Plan 2047 का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इसमें शहर के विस्तार के साथ पर्यावरण, परिवहन, रोजगार और आधुनिक शहरी सुविधाओं पर जोर दिया गया है। प्रस्तावित योजना में भोपाल के साथ आसपास के 254 गांवों को भी शामिल किया गया है। योजना का कुल क्षेत्र करीब 1,016.90 वर्ग किलोमीटर रखा गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी Bhopal Master Plan 2047 को भोपाल के भविष्य के विकास से जोड़ते हुए इसके महत्व की बात कही है। ड्राफ्ट में नागरिकों से आपत्ति और सुझाव लेने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है। यानी अंतिम रूप देने से पहले आम लोगों और संबंधित पक्षों की राय पर विचार किया जाएगा।
1016.90 वर्ग किमी में फैलेगा नया प्लान
Bhopal Master Plan 2047 का सबसे बड़ा बदलाव इसके नियोजन क्षेत्र के विस्तार से जुड़ा है। प्रस्तावित प्लानिंग एरिया 1,016.90 वर्ग किलोमीटर होगा। इसमें 254 गांव शामिल होंगे। इससे भोपाल का नियोजित विकास मौजूदा शहरी सीमा से आगे तक किया जा सकेगा।
भोपाल के आसपास तेजी से आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। ऐसे में नए प्लान का उद्देश्य विकास को व्यवस्थित दिशा देना है। सड़क, आवास, कारोबार, परिवहन और सार्वजनिक सुविधाओं को भविष्य की जरूरत के हिसाब से विकसित करने का प्रस्ताव है।
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पर्यावरण और भोजताल पर खास फोकस
भोपाल की पहचान उसकी झीलों और हरियाली से है। ऐसे में Bhopal Master Plan 2047 में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को अहम स्थान दिया गया है। भोजताल और उसके जलग्रहण क्षेत्र को सुरक्षित रखने पर जोर है।
इसके अलावा पहाड़ियों, वन क्षेत्रों, तालाबों और जलाशयों के संरक्षण के प्रावधान भी रखे गए हैं। शहर के आसपास मौजूद संवेदनशील पर्यावरणीय क्षेत्रों को ध्यान में रखकर विकास की योजना बनाने की कोशिश की गई है।
यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भोपाल का पुराना विकास प्लान 2005 का है। नए प्लान को लेकर लंबे समय से प्रक्रिया चल रही थी। CAG की रिपोर्ट में भी नए विकास प्लान को अंतिम रूप देने में लंबे विलंब का उल्लेख किया गया था।
51 किलोमीटर का ग्रोथ कॉरिडोर
Bhopal Master Plan 2047 में करीब 51 किलोमीटर लंबे ग्रोथ कॉरिडोर की परिकल्पना की गई है। इसका उद्देश्य शहर के अलग-अलग हिस्सों और आसपास के क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी तैयार करना है।
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इस कॉरिडोर को एयरपोर्ट, एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी EKAI सिटी, लॉजिस्टिक क्षेत्र और प्रस्तावित अन्य विकास क्षेत्रों से जोड़ने की योजना है। यहां मिश्रित भूमि उपयोग के साथ ज्यादा घनत्व वाले विकास का प्रस्ताव है।
ग्रोथ कॉरिडोर में होटल, हॉस्पिटेलिटी, स्वास्थ्य सेवाएं, आईटी, एआई, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, थोक व्यापार, मॉल, मल्टीप्लेक्स, कॉरपोरेट ऑफिस और हाउसिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है।
एजुकेशन हब और EKAI सिटी बनेगी खास
भोपाल के भौंरी क्षेत्र में एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी EKAI सिटी विकसित करने की परिकल्पना की गई है। Bhopal Master Plan 2047 में इसे शिक्षा और नई तकनीक से जुड़े विकास के प्रमुख क्षेत्र के तौर पर देखा गया है।
इसका उद्देश्य शिक्षा, तकनीक और रोजगार से जुड़े अवसरों को एक जगह विकसित करना है। इससे भोपाल को एजुकेशन और नॉलेज आधारित गतिविधियों का नया केंद्र बनाने की दिशा में मदद मिल सकती है।
मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर जोर
नए प्लान में परिवहन व्यवस्था को भी अहम स्थान दिया गया है। ग्रोथ कॉरिडोर को रेडियल मार्गों से जोड़ने का प्रस्ताव है। विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर की ओर जाने वाले क्षेत्रीय मार्गों को भी बेहतर तरीके से जोड़ने की योजना है।
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पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए बीआरटीएस कॉरिडोर का प्रस्ताव है। भविष्य में इसे एमआरटीएस में अपग्रेड करने की संभावना भी रखी गई है। इससे शहर में निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। मेट्रो कॉरिडोर के आसपास ज्यादा ऊंची इमारतों और घनत्व वाले विकास से जुड़े प्रस्ताव भी सामने आए हैं।
शहर में बढ़ेगा हरित क्षेत्र
भोपाल की हरियाली को लेकर Bhopal Master Plan 2047 में बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुराने प्लान में करीब 16 प्रतिशत हरित क्षेत्र था। नए प्लान में इसे करीब 27 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।
कॉलोनी स्तर पर खुले क्षेत्र का हिस्सा भी बढ़ाने की योजना है। भानपुर खंती के पुनर्विकास के लिए गोल्फ कोर्स का प्रस्ताव भी चर्चा में है। इसका उद्देश्य एक ओर पुराने क्षेत्र का पुनर्विकास करना और दूसरी ओर शहर में खुले तथा हरित क्षेत्रों को बढ़ावा देना है।
डिजिटल ट्विन से होगी निगरानी
नए प्लान में शहर की निगरानी और विकास कार्यों को डिजिटल तकनीक से जोड़ने का प्रस्ताव भी है। इसके लिए डिजिटल ट्विन सिटी की अवधारणा सामने रखी गई है। इस व्यवस्था से शहर के विकास को रियल टाइम में मॉनिटर करने में मदद मिल सकती है। अनधिकृत निर्माण, यातायात और विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं पर भी तेजी से नजर रखने का लक्ष्य है।
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पार्किंग और सुरक्षा के लिए भी प्रावधान
भोपाल में पार्किंग की समस्या को देखते हुए मल्टीलेवल और मैकेनाइज्ड पार्किंग को बढ़ावा देने का प्रस्ताव है। कुछ सामुदायिक खुले क्षेत्रों के नीचे पार्किंग की व्यवस्था भी की जा सकती है। आरओबी और फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग के विकल्प पर भी विचार किया गया है। बेसमेंट पार्किंग के लिए भूखंडों के संयुक्तिकरण जैसे प्रावधान भी प्रस्तावित हैं।
सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्थानों पर लगे निजी CCTV कैमरों की नेटवर्किंग और सार्वजनिक भवनों की बाउंड्री वॉल को पारदर्शी रखने जैसे प्रावधान भी ड्राफ्ट में शामिल किए गए हैं।
नागरिकों की राय के बाद होगा अंतिम फैसला
Bhopal Master Plan 2047 अभी ड्राफ्ट चरण में है। इसे अंतिम रूप देने से पहले नागरिकों से आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद प्राप्त सुझावों की समीक्षा होगी और जरूरत के अनुसार बदलाव किए जा सकते हैं।
करीब दो दशक से नए विकास प्लान का इंतजार कर रहे भोपाल के लिए यह ड्राफ्ट काफी महत्वपूर्ण है। प्रस्ताव लागू होने के बाद शहर का विस्तार, परिवहन, पर्यावरण, रोजगार और आवासीय विकास किस दिशा में जाएगा, इसकी तस्वीर और स्पष्ट होगी। फिलहाल Bhopal Master Plan 2047 का सबसे बड़ा उद्देश्य बढ़ते शहर को व्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना है।
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