Ujjain Road Widening affecting CM Mohan Yadav's ancestral house
Ujjain Road Widening के तहत उज्जैन में 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। इस सड़क की जद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान भी आया है। मकान का करीब 2.30 मीटर हिस्सा हटाया जाना है। उनकी बहन कलावती यादव का मकान भी प्रभावित हो रहा है।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच Ujjain Road Widening का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। शहर के पुराने इलाकों में कई प्रमुख सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही और यातायात व्यवस्था को बेहतर करना है।
इसी सड़क चौड़ीकरण की जद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान भी आया है। नगर निगम की टीम ने प्रभावित हिस्से की नपती कर मकान पर लाल निशान लगाया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मकान का करीब 2.30 मीटर हिस्सा सड़क की सीमा में आ रहा है। इसे सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाया जाना है।
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730 मीटर लंबी सड़क होगी 15 मीटर चौड़ी
Ujjain Road Widening के तहत खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक सड़क को चौड़ा किया जा रहा है। यह मार्ग करीब 730 मीटर लंबा है। प्रस्ताव के मुताबिक इसकी चौड़ाई 15 मीटर की जाएगी।
नगर निगम ने सड़क की सीमा तय करने के लिए प्रभावित भवनों की नपती कराई है। रिपोर्टों के मुताबिक कुल 272 भवन इस परियोजना की जद में आ रहे हैं। इनमें मकान और अन्य निर्माण शामिल हैं। कई जगहों पर लाल निशान लगाए जा चुके हैं।
इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 9.80 करोड़ रुपये बताई गई है। सड़क चौड़ी होने के बाद अब्दालपुरा और जीवाजीगंज क्षेत्र में यातायात दबाव कम करने की उम्मीद है। सिंहस्थ के दौरान इस मार्ग से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के गुजरने की संभावना है।
1974 में बना था मोहन यादव का पैतृक मकान
मुख्यमंत्री मोहन यादव का यह मकान उनके परिवार के लिए पुरानी यादों से जुड़ा हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, उनके दादा रामचंद्र यादव ने इस मकान का निर्माण 1974 में कराया था।
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इसी मकान में मोहन यादव और उनके परिवार के सदस्यों का बचपन बीता। फिलहाल मकान में उनके चाचा शंकरलाल यादव का परिवार रहने की जानकारी सामने आई है। सड़क चौड़ीकरण के लिए इसी मकान का कुछ हिस्सा प्रभावित हो रहा है। नगर निगम की नपती के मुताबिक करीब 2.30 मीटर हिस्सा सड़क की सीमा में आ रहा है। इसी वजह से प्रभावित हिस्से पर लाल निशान लगाया गया है।
बहन कलावती यादव का मकान भी प्रभावित
Ujjain Road Widening की जद में मुख्यमंत्री की बहन और उज्जैन नगर निगम की सभापति कलावती यादव का मकान भी आया है। रिपोर्टों के अनुसार, उनके मकान का करीब 3.8 मीटर हिस्सा सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाया जाना है।
कलावती यादव ने कहा है कि सिंहस्थ और शहर के विकास से जुड़े इस काम में उनका परिवार सहयोग करेगा। उन्होंने प्रभावित लोगों की समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखने की बात भी कही है।
इस सड़क चौड़ीकरण में केवल मुख्यमंत्री के परिवार की संपत्ति ही प्रभावित नहीं हो रही है। कुल 272 भवनों को चिह्नित किया गया है। इसलिए नगर निगम की कार्रवाई का दायरा कई परिवारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक है।
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अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं, सड़क सीमा के लिए मार्किंग
मुख्यमंत्री के पैतृक मकान पर लाल निशान लगाए जाने के बाद यह मामला चर्चा में आया है। हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में इसे मुख्य रूप से सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया से जोड़ा गया है। नगर निगम ने प्रभावित भवनों की नपती की है। लाल निशान का उद्देश्य सड़क के लिए आवश्यक सीमा को चिन्हित करना बताया गया है। ऐसे में इसे केवल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तौर पर देखना सही नहीं होगा।
रिपोर्टों के मुताबिक सड़क की सीमा में आने वाले हिस्सों को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। कुछ रिपोर्टों में जल्द डिमोलिशन की बात कही गई है। हालांकि प्रभावित हिस्से को हटाने की सटीक तारीख और कार्रवाई का पूरा शेड्यूल स्थानीय प्रशासन के स्तर पर तय होना है।
सिंहस्थ-2028 के लिए क्यों जरूरी है सड़क चौड़ीकरण?
उज्जैन में 2028 में सिंहस्थ का आयोजन होना है। इस दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में शहर की यातायात व्यवस्था को मजबूत करना प्रशासन की तैयारियों का अहम हिस्सा है।
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Ujjain Road Widening इसी व्यापक तैयारी से जुड़ा है। प्रमुख सड़कों को चौड़ा करने के साथ यातायात दबाव वाले क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक का मार्ग भी इसी योजना का हिस्सा है। इस मार्ग की चौड़ाई बढ़ने के बाद स्थानीय यातायात के साथ सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर आवागमन की सुविधा देने का लक्ष्य है।
विकास कार्य में CM का परिवार भी प्रभावित
मुख्यमंत्री के पैतृक मकान का हिस्सा सड़क की सीमा में आने के बाद यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि प्रभावित भवन मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ा है। परिवार की ओर से सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रभावित हिस्सा हटाने में सहयोग की बात कही गई है।
फिलहाल नगर निगम की ओर से नपती और मार्किंग की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। आगे प्रभावित हिस्सों को हटाने की कार्रवाई होगी। Ujjain Road Widening परियोजना पूरी होने के बाद 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इससे सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर करने की कोशिश की जा रही है।
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