CEC Gyanesh Kumar amid Congress protest over voter list and SIR issues
CEC Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त CEC Gyanesh Kumar को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच विवाद अब सड़क तक पहुंचता नजर आ रहा है। कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर देशभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान भी किया है।
कांग्रेस का यह रुख ऐसे समय सामने आया है, जब The Indian Express की एक रिपोर्ट में चुनाव आयोग के दो सदस्यों की ओर से आयोग के भीतर कई फैसलों पर आपत्ति जताए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर लिखित आपत्ति दर्ज कराई।
CEC Gyanesh Kumar पर कांग्रेस के गंभीर आरोप
केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहले से ही मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। उनके मुताबिक चुनाव आयोग के भीतर से सामने आई आपत्तियों ने कांग्रेस के इन सवालों को और गंभीर बना दिया है। वेणुगोपाल ने CEC Gyanesh Kumar पर चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप लगाया।
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उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। हालांकि, ये कांग्रेस द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता। चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर जवाब या स्पष्टीकरण सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।
25 सितंबर को राज्य स्तर पर विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस ने CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर अपनी राज्य इकाइयों को निर्देश जारी किए हैं। पार्टी के मुताबिक 25 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस कमेटियां अपने-अपने राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों तक विरोध मार्च निकालेंगी।
कांग्रेस की मांगों में CEC Gyanesh Kumar को पद से हटाना, उनकी गिरफ्तारी और उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों की स्वतंत्र समीक्षा शामिल है। पार्टी मतदाता सूचियों में हुए बदलावों की भी जांच की मांग कर रही है। इसके बाद विरोध प्रदर्शन का दूसरा चरण 28 सितंबर को प्रस्तावित है। इस दिन जिला कांग्रेस कमेटियां जिला कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालेंगी।
28 सितंबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन
कांग्रेस का कहना है कि उसका आंदोलन केवल राज्य मुख्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा। जिला स्तर पर भी कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन करने के निर्देश दिए गए हैं।
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वेणुगोपाल ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा। कांग्रेस विशेष रूप से CEC Gyanesh Kumar को पद से हटाने और चुनावी फैसलों की जांच की मांग कर रही है।
चुनाव आयोग के अंदर उठी आपत्तियों से विवाद बढ़ा
विवाद की सबसे अहम वजह चुनाव आयोग के भीतर दर्ज कराई गई आपत्तियां हैं। The Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और मतदाता सूची से जुड़े कुछ फैसलों पर सवाल उठाए।
रिपोर्ट के अनुसार दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ कदमों को लेकर प्रक्रिया और अधिकार क्षेत्र से जुड़े सवाल उठाए। उन्होंने मतदाता डेटाबेस तक पहुंच को केंद्रीय स्तर पर सीमित किए जाने को लेकर भी चिंता जताई।
इन दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियां मुख्य चुनाव आयुक्त सहित आयोग के संबंधित अधिकारियों तक भेजी गई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ मामलों में दोनों अधिकारियों ने कैबिनेट सचिव के सामने भी अपनी चिंताएं रखीं।
Form 6 में बदलाव पर भी उठे सवाल
विवाद का एक प्रमुख मुद्दा नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़ा Form 6 है। The Indian Express के मुताबिक Form 6 में SIR से संबंधित कुछ नए सवाल जोड़े गए थे। रिपोर्ट में दावा किया गया कि नए मतदाताओं से पूछा गया कि उनका या उनके माता-पिता अथवा दादा-दादी का नाम पिछले SIR के दौरान मतदाता सूची में था या नहीं। चुनाव आयुक्तों ने इस बदलाव की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई।
रिपोर्ट के मुताबिक एक चुनाव आयुक्त ने बदलाव को नियमों के अनुरूप नहीं बताया था और इसे हटाने की बात कही थी। यह मामला अब राजनीतिक विवाद का हिस्सा बन गया है।
SIR को लेकर पहले से आमने-सामने हैं कांग्रेस और चुनाव आयोग
मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच पहले से मतभेद हैं। कांग्रेस लगातार आरोप लगाती रही है कि SIR के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।
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वहीं चुनाव आयोग मतदाता सूची को अपडेट करने और पात्र मतदाताओं को शामिल करने की प्रक्रिया को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी के तहत देखता है। SIR को लेकर राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग के बीच अलग-अलग राज्यों में विवाद सामने आते रहे हैं। The Indian Express की रिपोर्ट में कहा गया है कि SIR की प्रक्रिया के दौरान दो चुनाव आयुक्तों ने भी कई फैसलों पर आपत्ति दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार इन आपत्तियों का संबंध नए मतदाताओं, नाम हटाने और मतदाता डेटाबेस के प्रबंधन से था।
कांग्रेस ने लगाए बीजेपी से मिलीभगत के आरोप
केसी वेणुगोपाल ने CEC Gyanesh Kumar पर बीजेपी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले से चुनाव प्रक्रिया और वोटर लिस्ट को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि चुनावी डेटाबेस को केंद्रीय स्तर पर नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक इससे राज्य स्तर पर मतदाता सूची से जुड़े अधिकारियों की भूमिका प्रभावित हो सकती है।
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इन आरोपों पर भी चुनाव आयोग की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। चुनाव आयोग पर लगाए गए राजनीतिक आरोपों और आयोग के भीतर अधिकारियों की प्रक्रियागत आपत्तियों को अलग-अलग मुद्दों के रूप में देखना जरूरी है।
आगे क्या होगा?
CEC Gyanesh Kumar को लेकर कांग्रेस का विरोध अब आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। 25 सितंबर को राज्य स्तर पर और 28 सितंबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन प्रस्तावित हैं। कांग्रेस ने अपनी इकाइयों को इसके लिए तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों और SIR से जुड़े सवालों पर आगे की आधिकारिक प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल CEC Gyanesh Kumar को लेकर कांग्रेस के आरोप, चुनाव आयोग के दो सदस्यों की आपत्तियां और SIR की प्रक्रिया राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं।
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1 ने “CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, केसी वेणुगोपाल ने गिरफ्तारी की मांग उठाई” पर विचार किया;