Haryana boxers celebrate after winning six gold medals for India at CWG 2026 boxing events.
CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (CWG 2026) में भारत ने ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। शनिवार का दिन भारतीय खेल इतिहास के लिए स्वर्णिम साबित हुआ, जब भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही दिन में रिकॉर्ड 8 गोल्ड मेडल अपने नाम किए। यह पहली बार है जब CWG 2026 में भारत ने एक ही दिन में इतने स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रचा।
खास बात यह रही कि इन आठ में से सात गोल्ड बॉक्सिंग से आए और उनमें भी छह स्वर्ण पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीतकर पूरे देश का गौरव बढ़ाया। इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने पदक तालिका में लंबी छलांग लगाते हुए नौवें स्थान से सीधे चौथे स्थान पर पहुंचकर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी।
CWG 2026 में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन
CWG 2026 के 10वें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 16 पदक जीतकर खेल जगत को अपनी ताकत का एहसास कराया। इनमें 8 गोल्ड, 5 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने न केवल भारत की कुल पदक संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी की, बल्कि मेडल टैली में भी भारत की स्थिति मजबूत कर दी।
READ: 20 मिनट में फरीदाबाद से गुरुग्राम का सफर, 64 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर से NCR की बदलेगी तस्वीर
दिन की सबसे बड़ी उपलब्धि बॉक्सिंग रिंग से आई, जहां भारतीय मुक्केबाजों ने एक के बाद एक मुकाबले जीतकर विरोधियों को कोई मौका नहीं दिया। हरियाणा के खिलाड़ियों ने इस सफलता में सबसे बड़ा योगदान दिया और साबित कर दिया कि राज्य आज भी भारतीय मुक्केबाजी की सबसे मजबूत नर्सरी बना हुआ है।
हरियाणा के बॉक्सरों का ‘Golden Six’ बना चर्चा का विषय
CWG 2026 में हरियाणा के छह मुक्केबाजों ने गोल्ड जीतकर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। भिवानी और हिसार जैसे शहरों ने एक बार फिर साबित किया कि यहां की मिट्टी में चैंपियन पैदा होते हैं।
भिवानी की जैस्मिन लंबोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस, सचिन सिवाच और हिसार के अंकुश पंघाल ने अलग-अलग भार वर्गों में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इन खिलाड़ियों की जीत ने भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
प्रिया घनघस ने सपनों को मुकाम तक पहुंचाया
20 वर्षीय प्रिया घनघस ने महिलाओं के 60 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में कनाडा की अल अहमदियेह को 4-1 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। बचपन में पड़ोस की एक लड़की को बॉक्सिंग करते देखकर उनके मन में इस खेल के प्रति रुचि जगी थी। परिवार के समर्थन और लगातार मेहनत ने उन्हें आज CWG 2026 का स्वर्ण पदक विजेता बना दिया।
प्रिया की जीत ने यह संदेश भी दिया कि छोटे शहरों और गांवों से निकलने वाली प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर सकती हैं।
साक्षी चौधरी ने संघर्ष के बाद हासिल किया स्वर्ण
भिवानी की साक्षी चौधरी ने महिलाओं के 51 किलोग्राम भार वर्ग में इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि कुछ वर्ष पहले गंभीर कंधे की चोट के कारण वह लंबे समय तक प्रतियोगिताओं से बाहर रहीं।
CWG 2026 से पहले उन्होंने चयन ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए तीन सप्ताह में लगभग तीन किलोग्राम वजन कम किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनका आत्मविश्वास और मेहनत आखिरकार रंग लाई और वह कॉमनवेल्थ चैंपियन बन गईं।
सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने दिखाया दम
भिवानी के सचिन सिवाच ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में नामीबिया के ट्राइगेन मॉर्निंग नडेवेलो को 3-2 से हराकर गोल्ड जीता। बचपन में कम वजन होने के कारण उन्हें बॉक्सिंग एकेडमी में प्रवेश तक नहीं मिल रहा था, लेकिन पिता के विश्वास और उनकी मेहनत ने उन्हें विश्व स्तर का खिलाड़ी बना दिया।
READ MORE: पुन्हाना से गुरुग्राम तक, नायब सैनी के विकास, जवाबदेही और जनसेवा के 7 बड़े संदेश
वहीं हिसार के अंकुश पंघाल ने 80 किलोग्राम वर्ग में इंग्लैंड के डिमेजी शिट्ट को हराकर भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक सुनिश्चित किया। बचपन में हार के बाद बॉक्सिंग छोड़ने का मन बना चुके अंकुश को उनके पिता ने प्रेरित किया और आज वही खिलाड़ी CWG 2026 में देश के लिए गोल्ड जीत चुका है।
प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने भी रचा इतिहास
रोहतक की प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में कनाडा की स्कारलेट सवाना डेलगाडो को 5-0 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। वहीं जैस्मिन लंबोरिया ने महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर भारत को स्वर्ण पदक दिलाया।
जैस्मिन इससे पहले विश्व चैंपियन भी बन चुकी हैं और अब CWG 2026 का गोल्ड जीतकर उन्होंने अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।
नरेंद्र बेरवाल ने जीता रजत पदक
भारत के अनुभवी मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल पुरुषों के 90+ किलोग्राम वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड के डमार थॉमस से हार गए और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। हालांकि उनका प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा और उन्होंने भारत के पदक अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
READ MORE: हरियाणा-पंजाब के किसानों का प्रदर्शन, ट्रेड डील के विरोध में सरकार को दी चेतावनी
पदक तालिका में भारत की लंबी छलांग
CWG 2026 में 10वें दिन के बाद भारत के खाते में कुल 39 पदक हो गए हैं, जिनमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इस शानदार प्रदर्शन के बाद भारत ने छह देशों को पीछे छोड़ते हुए चौथा स्थान हासिल कर लिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि बॉक्सिंग में मिली अभूतपूर्व सफलता आने वाले वर्षों में भारतीय मुक्केबाजी को नई पहचान देगी। साथ ही यह प्रदर्शन युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भारत के लिए यादगार बना CWG 2026
CWG 2026 भारतीय खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। एक ही दिन में रिकॉर्ड आठ गोल्ड मेडल जीतना न केवल खिलाड़ियों की मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह देश की मजबूत खेल नीति, बेहतर प्रशिक्षण और उभरती प्रतिभाओं का भी प्रमाण है। हरियाणा के मुक्केबाजों ने जिस तरह देश को स्वर्णिम सफलता दिलाई है, उसने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय बॉक्सिंग का भविष्य बेहद उज्ज्वल है। यदि यही लय आगे भी जारी रही, तो आने वाले ओलंपिक और विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी भारत से बड़े प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।
Today Haryana News| The World News Insights | TV TODAY BHARAT NEWS | LATEST BOLLYWOOD NEWS |COMMONWEALTH GAME 2026 | SPORT NEWS | CRIME NEWS|UTTAR PRADESH |UTTARAKHAND UPDATE |CM YOGI BREAKING |EXPLAINER TV TODAY BHARAT|WEB STORY |NATIONAL NEWS TODAY | Business Bharat
