Delhi-Meerut Expressway traffic diversion during Kanwar Yatra 2026 with one lane reserved for Kanwariyas and police managing vehicles.
श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है और इसी के साथ उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। कांवड़ियों की सुरक्षा और सुचारु यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने Delhi-Meerut Expressway Traffic Advisory जारी करते हुए 5 अगस्त से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर बड़ा ट्रैफिक बदलाव लागू करने का फैसला किया है। इस नई व्यवस्था के तहत एक्सप्रेसवे की एक लेन पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी। यदि श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षा से अधिक बढ़ती है तो दूसरी लेन को भी अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है।
इस फैसले का सीधा असर दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, हरिद्वार और उत्तराखंड की ओर आने-जाने वाले लाखों वाहन चालकों पर पड़ेगा। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले Delhi-Meerut Expressway Traffic Advisory और ट्रैफिक अपडेट जरूर देख लें।
कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए लिया गया बड़ा फैसला
प्रशासन के अनुसार मेरठ के परतापुर क्षेत्र से लेकर उत्तराखंड सीमा तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की एक लेन केवल कांवड़ियों के लिए सुरक्षित रखी जाएगी। दूसरी लेन पर दोनों दिशाओं का ट्रैफिक संचालित होगा। इससे वाहनों की गति धीमी रह सकती है और कई स्थानों पर जाम की स्थिति भी बन सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि कांवड़ियों की संख्या में अचानक वृद्धि होती है तो सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दूसरी लेन भी बंद की जा सकती है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को कम करना और श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है।
Delhi-Meerut Expressway Traffic Advisory के तहत ये रहेगा नया रूट
नई ट्रैफिक व्यवस्था के तहत दिल्ली से मेरठ जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा। प्रशासन द्वारा जारी रूट प्लान के अनुसार दिल्ली से निकलने वाले वाहन गाजीपुर बॉर्डर से एनएच-9 होते हुए यूपी गेट, डासना इंटरचेंज, पिलखुवा, हापुड़, निजामपुर तिराहा, ततारपुर तिराहा और कीठौर के रास्ते मेरठ पहुंच सकेंगे।
इसी प्रकार मुजफ्फरनगर और हरिद्वार जाने वाले वाहन कीठौर से परीक्षितगढ़, मवाना और रामराज होते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ेंगे। प्रशासन का कहना है कि इस वैकल्पिक मार्ग से ट्रैफिक का दबाव विभाजित होगा और कांवड़ियों की यात्रा भी प्रभावित नहीं होगी।
भारी वाहनों के लिए अलग व्यवस्था
Delhi-Meerut Expressway Traffic Advisory के तहत भारी वाहनों के लिए भी अलग ट्रैफिक प्लान बनाया गया है। दिल्ली और गाजियाबाद की ओर से आने वाले ट्रक तथा अन्य बड़े वाहन सिंभावली कट से गंगा एक्सप्रेसवे पर यू-टर्न लेकर अपने निर्धारित मार्ग की ओर बढ़ेंगे।
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वहीं गजरौला, अमरोहा और संभल की ओर से आने वाले वाहन भी संबंधित कट पॉइंट से निकलकर अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। लखनऊ, बरेली और मुरादाबाद से दिल्ली आने वाले वाहनों को भी गंगा एक्सप्रेसवे और एनएच-9 का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
नोएडा, गाजियाबाद और बागपत जाने वालों को क्या करना होगा?
नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली से बागपत की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी नया ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। ऐसे वाहन शामली, करनाल, सोनीपत और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर सकेंगे।
इसी प्रकार बागपत से दिल्ली आने वाले वाहनों को भी प्रशासन द्वारा निर्धारित वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है। इससे मुख्य कांवड़ मार्ग पर वाहनों का दबाव कम रहेगा।
क्यों जरूरी है यह ट्रैफिक व्यवस्था?
हर वर्ष सावन के दौरान लाखों शिवभक्त हरिद्वार और अन्य तीर्थस्थलों से गंगाजल लेकर अपने-अपने शहरों की ओर लौटते हैं। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख एक्सप्रेसवे पर श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ जाती है।
इसी वजह से प्रशासन को ट्रैफिक डायवर्जन लागू करना पड़ता है ताकि कांवड़ियों और आम यात्रियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए Delhi-Meerut Expressway Traffic Advisory पहले से लागू की जा रही है।
यात्रा से पहले इन बातों का रखें विशेष ध्यान
यदि आप 5 अगस्त के बाद दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, हरिद्वार या उत्तराखंड की यात्रा करने वाले हैं तो घर से निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट अवश्य देखें।
यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें ताकि संभावित जाम की स्थिति में परेशानी न हो। भारी वाहन चालक प्रशासन द्वारा निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें। कांवड़ मार्ग पर अनावश्यक प्रवेश करने से बचें और पुलिस व ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन ने जारी की विशेष अपील
पुलिस और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या के अनुसार ट्रैफिक व्यवस्था में समय-समय पर बदलाव किया जा सकता है। इसलिए किसी भी यात्रा से पहले आधिकारिक ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी लेना बेहद जरूरी होगा।
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प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि थोड़ी सी सावधानी और ट्रैफिक नियमों का पालन न केवल उनकी यात्रा को सुरक्षित बनाएगा बल्कि लाखों कांवड़ियों की धार्मिक यात्रा भी बिना किसी बाधा के पूरी हो सकेगी।
सुरक्षित यात्रा के लिए पहले देखें Traffic Advisory
विशेषज्ञों का कहना है कि Delhi-Meerut Expressway Traffic Advisory केवल ट्रैफिक नियंत्रण का उपाय नहीं बल्कि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण व्यवस्था है। आने वाले दिनों में डाक कांवड़ और अन्य धार्मिक गतिविधियों के कारण यातायात का दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे नवीनतम ट्रैफिक अपडेट पर नजर रखें और उसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
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