Punjab Safai Abhiyan 2.0: पंजाब में शहरों को साफ-सुथरा बनाने के लिए चलाए जा रहे राज्य स्तरीय Punjab Safai Abhiyan 2.0 को सरकार ने अब 12 सितंबर तक बढ़ाने का फैसला किया है। आम लोगों की बढ़ती भागीदारी और नागरिकों की ओर से मिल रहे फीडबैक को देखते हुए सरकार ने अभियान की अवधि बढ़ाई है। इस अभियान के दौरान अब तक 5400 से अधिक नागरिक शिकायतों का समाधान किया जा चुका है।
स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है। शहरों को साफ रखने के लिए आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। सरकार अब सफाई व्यवस्था को अभियान तक सीमित रखने के बजाय इसे नियमित प्रक्रिया का हिस्सा बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
166 शहरी स्थानीय निकायों तक पहुंचा अभियान
Punjab Safai Abhiyan 2.0 की शुरुआत 29 अगस्त को की गई थी। इसके तहत राज्य के सभी 166 शहरी स्थानीय निकायों को अभियान में शामिल किया गया। इनमें 14 नगर निगम, 152 नगर परिषद और नगर पंचायतें शामिल हैं।
Read: कथित पुलिस मारपीट और टॉर्चर के आरोपों पर NHRC का बड़ा एक्शन, पंजाब सरकार से मांगी रिपोर्ट
अभियान का उद्देश्य शहरों में लंबे समय से जमा कचरे और गंदगी को हटाने के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों की सफाई व्यवस्था को बेहतर करना है। इसके अलावा नागरिकों से प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि शहरों में सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए केवल सफाई कर्मचारी बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। लोगों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता पैदा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
M-Seva ऐप पर मिलीं 6459 शिकायतें
स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि अभियान के दौरान M-Seva ऐप के माध्यम से कुल 6459 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 5407 शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है। यानी 83 प्रतिशत से ज्यादा शिकायतों पर कार्रवाई हो चुकी है।
सरकार के मुताबिक, नागरिकों की ओर से लगातार शिकायतें दर्ज कराने और स्थानीय स्तर पर सफाई व्यवस्था से जुड़े मुद्दों की जानकारी देने से विभाग को उन इलाकों की पहचान करने में मदद मिली, जहां तत्काल कार्रवाई की जरूरत थी। अभियान को 12 सितंबर तक बढ़ाने का फैसला भी इसी नागरिक भागीदारी को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
चार ‘मेगा शनिवार सफाई अभियान’ होंगे
सरकार अब केवल मौजूदा अभियान को आगे बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहती। नागरिकों की भागीदारी को स्थायी रूप देने के लिए 12 सितंबर से लगातार चार शनिवार मेगा सफाई अभियान आयोजित करने की योजना बनाई गई है।
इन अभियानों में गैर-सरकारी संगठनों, मार्केट एसोसिएशनों, युवा क्लबों, धार्मिक संगठनों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों को जोड़ा जाएगा। लोगों से अपील की गई है कि वे सप्ताह में केवल दो से तीन घंटे निकालकर अपने आसपास के पार्क, बाजार और सार्वजनिक स्थानों की सफाई में सहयोग करें।
कूड़े के बड़े ढेरों पर भी सरकार का फोकस
पंजाब सरकार का एक बड़ा लक्ष्य शहरों में मौजूद कूड़े के बड़े ढेर यानी Garbage Vulnerable Points (GVPs) को खत्म करना और वहां दोबारा कचरा जमा होने से रोकना है। इसके लिए स्थानीय निकाय विभाग ने कई शहरों में घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र करने की व्यवस्था को बड़े स्तर पर लागू किया है। सरकार की ओर से नागरिकों से कहा गया है कि वे कलेक्शन वैन के आने तक अपने घर का कचरा सुरक्षित रखें और उसे सार्वजनिक स्थानों पर न फेंकें।
Also Read: 90% घरों का बिजली बिल जीरो, जालंधर में भगवंत मान का बड़ा दावा
मंत्री ने स्पष्ट किया कि जागरूकता अभियान के बाद सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त जुर्माना लगाया जा सकता है। इससे लोगों को खुले में कचरा फेंकने से रोकने और शहरों की सफाई व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कुराली, खरड़ और नंगल का किया दौरा
हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि उन्होंने पिछले 10 दिनों के दौरान कुराली, खरड़ और नंगल जैसे कस्बों का व्यक्तिगत रूप से दौरा किया। उन्होंने सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और कर्मचारियों के काम को करीब से देखा।
मंत्री के मुताबिक, सफाई कर्मचारियों की ओर से लगातार मेहनत की जा रही है, लेकिन नागरिकों के सहयोग के बिना इन प्रयासों को लंबे समय तक सफल बनाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना जरूरी है।
ALSO READ: BOLLYWOOD NEWS |COMMONWEALTH GAME 2026 | SPORT NEWS | CRIME NEWS
अभियान के बाद पेश होगा डेटा
सरकार अभियान पूरा होने के बाद इसकी उपलब्धियों का विस्तृत डेटा भी सामने रखने की तैयारी कर रही है। जिन Garbage Vulnerable Points को स्थायी रूप से खत्म किया गया है, उनकी तस्वीरों और आंकड़ों को विश्लेषण के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि Punjab Safai Abhiyan 2.0 के दौरान किन इलाकों में कितना काम हुआ और नागरिक शिकायतों के समाधान में किस स्तर की प्रगति हुई।
स्वच्छ पंजाब के लिए नागरिक भागीदारी पर जोर
पंजाब सरकार का कहना है कि Punjab Safai Abhiyan 2.0 केवल कूड़ा उठाने या सफाई कराने तक सीमित अभियान नहीं है। इसका उद्देश्य शहरों में स्वच्छता को लेकर नागरिकों की सोच और व्यवहार में बदलाव लाना भी है।
अभियान को 12 सितंबर तक बढ़ाने और इसके बाद चार मेगा शनिवार सफाई अभियानों की योजना से सरकार नागरिक भागीदारी को लगातार बनाए रखने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में इस पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशासनिक प्रयासों के साथ आम लोग स्वच्छता की जिम्मेदारी को कितनी गंभीरता से अपनाते हैं।
UTTAR PRADESH |UTTARAKHAND UPDATE |CM YOGI BREAKING |EXPLAINER TV TODAY BHARAT|WEB STORY |NATIONAL NEWS TODAY | Business Bharat
