Rescue operation underway at Kuari Pass trek in Chamoli as SDRF teams search for missing trekker in snowy terrain
Chamoli Trekking Alert Kuari Pass। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में शीतकालीन ट्रेकिंग एक बार फिर चुनौती बनकर सामने आई है। कुंवारी पास ट्रेक पर शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन एक ट्रैकर के लापता होने से प्रशासन और बचाव एजेंसियों में हड़कंप मच गया। यह घटना चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र स्थित नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के अंतर्गत पांगरचुला इलाके में सामने आई है। सूचना मिलते ही पुलिस, वन विभाग और SDRF की टीमें सर्च और रेस्क्यू में जुट गईं।
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पांगरचुला क्षेत्र में फंसे ट्रैकर से मचा हड़कंप
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब छह बजे स्थानीय पुलिस को सूचना मिली कि कुंवारी पास ट्रेक के पांगरचुला सेक्शन में एक ट्रैकर रास्ते में फंस गया है। बताया गया कि ट्रैकर ने खुद फोन कर अपने मित्र को स्थिति से अवगत कराया था। लापता ट्रैकर की पहचान शिवम गुप्ता के रूप में हुई है। शिवम ने अपने दोस्त अनूप को कॉल कर बताया कि वह आगे बढ़ने में असमर्थ है और किसी सुरक्षित स्थान तक नहीं पहुंच पा रहा। अनूप ने बिना देरी किए स्थानीय प्रशासन को सूचना दी।
सूचना मिलते ही शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की गंभीरता को देखते हुए जोशीमठ से पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों को तुरंत रवाना किया गया। साथ ही वन विभाग के कर्मियों को भी अलर्ट कर सर्च ऑपरेशन में शामिल किया गया। ऊंचाई पर स्थित ट्रेकिंग मार्ग, गहरी बर्फ, तेज ठंड और सीमित दृश्यता के कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय तापमान शून्य से नीचे चला जाता है, जिससे रेस्क्यू टीमों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
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17 ट्रैकरों का समूह, 10 सुरक्षित लौटे
जानकारी के मुताबिक हरियाणा के गुरुग्राम से 17 ट्रैकर 25 दिसंबर को कुंवारी पास ट्रेक के लिए निकले थे। यह समूह तीन दिन पहले इस रूट पर आगे बढ़ा था और योजना के अनुसार शनिवार शाम तक सभी को खुलारा बेस कैंप लौटना था। तय समय तक केवल 10 ट्रैकर ही सुरक्षित रूप से बेस कैंप पहुंच सके। शेष सात ट्रैकरों के देर से लौटने पर चिंता बढ़ी और खोजबीन शुरू की गई।
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सात में से छह ट्रैकर सुरक्षित मिले
रेस्क्यू अभियान के दौरान राहत की खबर सामने आई। लापता बताए जा रहे सात ट्रैकरों में से छह ट्रैकर सुरक्षित मिल गए और वे किसी तरह बेस कैंप तक पहुंचने में सफल रहे। हालांकि एक ट्रैकर शिवम गुप्ता अभी भी लापता है। टीमों का फोकस फिलहाल पांगरचुला और आसपास के संभावित मार्गों पर केंद्रित है, जहां फिसलन और अचानक मौसम बदलने का खतरा अधिक रहता है।
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पुलिस का बयान
जोशीमठ थाना प्रभारी डी.एस. रावत ने बताया कि पुलिस को शाम के समय ट्रैकर के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई थी। शुरुआती जानकारी में सात लोगों के फंसे होने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में छह ट्रैकरों के सुरक्षित मिलने की पुष्टि हो गई। उन्होंने कहा कि लापता युवक की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और मौसम को देखते हुए ऑपरेशन को सावधानी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
हाई-एल्टीट्यूड ट्रेक पर बढ़ता जोखिम
कुंवारी पास और पांगरचुला जैसे ट्रेक हाई-एल्टीट्यूड श्रेणी में आते हैं, जहां मौसम पल भर में बदल सकता है। अचानक बर्फबारी, तेज हवाएं और रास्ता ढक जाने जैसी परिस्थितियां ट्रैकरों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। बीते वर्षों में भी उत्तराखंड में ट्रेकिंग के दौरान कई हादसे सामने आ चुके हैं, जिनमें खराब तैयारी और मौसम की अनदेखी मुख्य कारण रहे हैं।
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प्रशासन की सख्त अपील
प्रशासन ने ट्रेकिंग के शौकीनों से अपील की है कि वे मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा की योजना बनाएं। बिना अनुमति, बिना पंजीकरण और बिना प्रशिक्षित गाइड के दुर्गम ट्रेक पर न जाएं। पर्याप्त गर्म कपड़े, भोजन, मेडिकल किट, जीपीएस/संचार उपकरण और आपातकालीन योजना के साथ ही ट्रेकिंग करने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य बताया गया है।
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