Shiva Sharma Murder Case: Shraddha Dubey Reportedly Visits Lucknow, Police Face Questions (pic-x)
Shiva Sharma Murder Case: लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में 10 दिन बीतने के बाद भी पुलिस अभी तक तीनों आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। मामले में आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इस बीच श्रद्धा के लखनऊ आने और हाई कोर्ट पहुंचकर जमानत के लिए अर्जी देने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान पुलिस को उसकी मौजूदगी की भनक तक नहीं लगी।
मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने के बाद अधिकारियों ने भी कदम उठाए हैं। हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया, जबकि डीसीपी विक्रांत वीर को मुख्यालय से अटैच किया गया। 19 अक्टूबर की सुबह एसीपी रजनीश वर्मा को भी हटा दिया गया। इससे पहले तीनों आरोपियों पर घोषित इनाम की राशि 25 हजार से (Shiva Sharma Murder Case) बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई थी।
क्या है शिवा शर्मा हत्याकांड?
लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से कारोबारी शिवा शर्मा नीचे गिर गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद शिवा की मां रंजना शर्मा ने पुलिस में शिकायत देकर श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर पर हत्या का आरोप (Shiva Sharma Murder Case) लगाया।
परिवार का आरोप था कि शिवा को प्रताड़ित किया जा रहा था। शिकायत के आधार पर तीनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज जुटाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शिवा के शरीर पर 11 चोटों का जिक्र होने की बात भी सामने आई। (Shiva Sharma Murder Case)
read also: CM Yogi News: महानवमी पर योगी आदित्यनाथ ने किया कन्या पूजन, महिला सुरक्षा पर कही बड़ी बात
14 अक्टूबर को तीनों पर घोषित हुआ इनाम
आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर 14 अक्टूबर को पुलिस ने श्रद्धा, रश्मि और दानिश पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। उनकी तलाश के लिए तीन टीमें बनाई गईं। एक टीम रायबरेली में श्रद्धा के घर पहुंची, दूसरी सीतापुर में दानिश के घर गई, जबकि तीसरी टीम ने लखनऊ के अलग-अलग इलाकों में दबिश दी। (Shiva Sharma Murder Case)
हालांकि, इन कोशिशों के बावजूद पुलिस को सफलता नहीं मिली। इसी दौरान 15 अक्टूबर को श्रद्धा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उसने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि शिवा ने आत्महत्या की थी। श्रद्धा के मुताबिक, शिवा पर 15 से 20 लाख रुपये का कर्ज था और वह आर्थिक दबाव में थे। उसने यह भी कहा कि शिवा पहले आत्महत्या करने की बात कह चुके थे। (Shiva Sharma Murder Case)
नेपाल भागने की आशंका
जांच के दौरान पुलिस को आशंका हुई कि श्रद्धा अपनी बहन और ड्राइवर के साथ नेपाल भाग गई है। नेपाल सीमा से जुड़े एक सीसीटीवी फुटेज में दो ई-रिक्शा में चार लोग बैठे दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने सीमा से लगे इलाकों और अन्य संभावित ठिकानों पर तलाश तेज की, लेकिन आरोपियों का पता नहीं चल सका।
इसी बीच आरोपियों की ओर से अदालत में आत्मसमर्पण से जुड़ी अर्जी देने की जानकारी सामने आई। पुलिस श्रद्धा के आत्मसमर्पण की सूचना मिलने के बाद उसकी तलाश में जुटी थी। (Shiva Sharma Murder Case)
लखनऊ आई श्रद्धा, हाई कोर्ट पहुंचने की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा अपने वकीलों के साथ हाई कोर्ट पहुंची और जमानत के लिए अर्जी दाखिल की। एक समाचार एजेंसी से बातचीत में भी उसने खुद को निर्दोष बताया। श्रद्धा ने शिवा पर करीब 16 से 17 लाख रुपये का कर्ज होने का दावा दोहराया। साथ ही आरोप लगाया कि शिवा उसके घर से पांच से छह लाख रुपये के गहने ले गए थे। (Shiva Sharma Murder Case)
श्रद्धा के लखनऊ आने और पुलिस को इसकी जानकारी नहीं होने की चर्चा के बाद जांच की निगरानी और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे। हालांकि, श्रद्धा के आरोप और उसके दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। (Shiva Sharma Murder Case)
पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई
करीब आठ दिन तक गिरफ्तारी नहीं होने के बाद 18 अक्टूबर को तीनों आरोपियों पर इनाम की राशि बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दी गई। इसी दौरान हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया और डीसीपी विक्रांत वीर को मुख्यालय से अटैच कर दिया गया। श्रद्धा के घर पर अदालत की ओर से नोटिस चस्पा किए जाने की जानकारी भी सामने आई। 19 अक्टूबर की सुबह एसीपी रजनीश वर्मा को भी पद से हटा दिया गया।
फिलहाल शिवा हत्याकांड में तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। जांच में अब यह पता लगाना अहम होगा कि आरोपी कहां हैं, श्रद्धा के लखनऊ आने की जानकारी पुलिस तक क्यों नहीं पहुंची और मामले (Shiva Sharma Murder Case) में लगाए गए आरोपों की सच्चाई क्या है।




