Uttar Pradesh Rain causing flooding and damage in Lucknow and other districts
Uttar Pradesh Rain ने प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। 25 और 26 सितंबर के दौरान बारिश से जुड़ी घटनाओं में 56 लोगों की मौत और 46 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।
उत्तर प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में Uttar Pradesh Rain ने भारी तबाही मचाई है। लगातार बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली ने कई जिलों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी लखनऊ समेत कई शहरों में सड़कें जलमग्न हैं। ग्रामीण इलाकों में मकान और दीवारें गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।
उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, 25 और 26 सितंबर के दौरान बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 56 लोगों की मौत हुई। 46 लोग घायल हुए हैं। राज्य में 1,000 से ज्यादा मकानों को नुकसान पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है। सबसे ज्यादा मौतें सीतापुर में दर्ज की गई हैं। यहां सात लोगों की जान गई।
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63 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
Uttar Pradesh Rain का असर राज्य के बड़े हिस्से में देखने को मिला। राहत आयुक्त के मुताबिक 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। 26 सितंबर को 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सामान्य से करीब 19 गुना ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
फर्रुखाबाद में सामान्य से करीब 200 गुना अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। कानपुर नगर में यह आंकड़ा करीब 160 गुना रहा। कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में भी सामान्य से कई गुना ज्यादा बारिश हुई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी। 26 सितंबर को दोनों हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट था। 27 सितंबर को पूर्वी यूपी में भारी और पश्चिमी यूपी में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई।
लखनऊ में पानी-पानी हुए कई इलाके
राजधानी लखनऊ में लगातार बारिश से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। आशियाना, गोमती नगर एक्सटेंशन और दूसरे इलाकों में सड़कें पानी में डूब गईं। कुछ जगहों पर पानी घरों और कॉलोनियों तक पहुंच गया।
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UP-112 को बारिश से जुड़ी करीब 40 आपातकालीन कॉल मिलीं। कई स्थानों पर दीवार और छत गिरने की सूचना आई। गोमती नगर एक्सटेंशन में कुछ वाहन सड़क किनारे बने गहरे गड्ढों और नालों में फंस गए। पुलिस, फायर सर्विस और SDRF की टीमें राहत कार्य में लगी रहीं।
लखनऊ के बीकेटी इलाके में एक पुराने मकान की छत गिरने से 65 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई। वहीं रहीमाबाद में मकान की दीवार गिरने से तीन लोग मलबे में फंस गए। उन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया।
सीतापुर से गोरखपुर तक हादसे
Uttar Pradesh Rain के दौरान सबसे ज्यादा मौतें सीतापुर में हुईं। राहत आयुक्त की रिपोर्ट के मुताबिक यहां सात लोगों की मौत हुई। गोरखपुर में पांच लोगों की जान गई। लखीमपुर खीरी, बहराइच, बाराबंकी और अयोध्या में भी बारिश से जुड़े हादसों में मौतें हुई हैं।
कई जिलों में मकान गिरने और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। तेज हवाओं के कारण बिजली के तार और पेड़ भी प्रभावित हुए। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को ज्यादा नुकसान की आशंका जताई गई है। बांदा में सबसे ज्यादा मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद जालौन और हरदोई में भी बड़ी संख्या में भवन प्रभावित हुए। राहत और बचाव टीमों को संवेदनशील इलाकों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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किसानों की फसल को भी नुकसान
लगातार Uttar Pradesh Rain का असर खेती पर भी पड़ा है। तेज बारिश और हवाओं से कई क्षेत्रों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की जानकारी मिली है। प्रशासन ने जिलाधिकारियों को फसल और पशुधन के नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं।
प्रभावित किसानों को नियमों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। वहीं जिन इलाकों में कच्चे मकान पानी से घिर गए हैं, वहां लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल की बारिश से बढ़ी नदियों की चिंता
पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में नेपाल में हो रही भारी बारिश को लेकर भी प्रशासन अलर्ट है। लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है। जिलाधिकारियों को बाढ़ नियंत्रण टीमों को तैयार रखने और नदियों की स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है।
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प्रशासन ने ग्रामीण इलाकों में कमजोर और कच्चे मकानों के आसपास जलभराव की स्थिति पर नजर रखने को कहा है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के निर्देश दिए गए हैं।
कब मिलेगी बारिश से राहत?
IMD के अनुसार उत्तर प्रदेश में प्रशासन की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर के बाद और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी अगले चरण में बारिश की गतिविधि कम होने का अनुमान है। IMD के 26 सितंबर के बुलेटिन में 28 सितंबर से दोनों उपखंडों के लिए कोई बारिश की चेतावनी नहीं दी गई थी।
लखनऊ के लिए भी 27 सितंबर को कोई चेतावनी नहीं थी। हालांकि बादल और हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है। फिलहाल Uttar Pradesh Rain को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को जलभराव वाले रास्तों और कमजोर भवनों से दूर रहने की सलाह दी गई है। आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क करने को कहा गया है।
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1 ने “Uttar Pradesh Rain: 48 घंटे में 56 मौतें, 1000 से ज्यादा मकान प्रभावित, लखनऊ से गोरखपुर तक बारिश का कहर” पर विचार किया;