Fire Safety Audit: CM Yogi Adityanath reviewing the Lucknow fire incident and directing statewide Fire Safety Audit across hospitals, coaching centres and commercial buildings in Uttar Pradesh.
Fire Safety Audit: लखनऊ में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में कई लोगों की जान जाने के बाद राज्य सरकार ने फायर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार शाम वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर घटना की समीक्षा की और स्पष्ट संदेश दिया कि प्रदेश में Fire Safety Audit को अब मिशन मोड में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
लखनऊ हादसे को बताया पूरे प्रदेश के लिए चेतावनी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में हुई आग की घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक गंभीर चेतावनी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यापक और प्रभावी कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करना होगा।
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प्रदेशभर में चलेगा विशेष Fire Safety Audit अभियान
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में विशेष टीमों का गठन कर व्यापक Fire Safety Audit अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेज, कोचिंग संस्थान, शॉपिंग मॉल, होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी संस्थान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं। जहां कमियां पाई जाएं, वहां पहले सुधार का अवसर दिया जाए और उसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
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जनजागरूकता के साथ होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि Fire Safety Audit अभियान केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को पहले जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए ताकि भवन मालिकों और संस्थानों को सुरक्षा मानकों के महत्व के बारे में जानकारी मिल सके।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान किसी भी नागरिक या व्यापारी का अनावश्यक उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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बेसमेंट में कोचिंग और व्यवसायिक गतिविधियों पर सख्ती
बैठक में मुख्यमंत्री ने भवन उपयोग से जुड़े नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिस भवन को जिस उद्देश्य के लिए स्वीकृति दी गई है, उसका उपयोग उसी कार्य के लिए किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बेसमेंट में कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम, क्लीनिक या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जाए।
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अस्पतालों और कोचिंग संस्थानों पर विशेष निगरानी
लखनऊ हादसे के बाद अस्पतालों, नर्सिंग होम और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाएं भी जांच के दायरे में लाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं, वहां Fire Safety Audit को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि आपातकालीन निकास मार्ग, अग्निशमन यंत्र, धुआं नियंत्रण प्रणाली और अन्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
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आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम होगा कम
मुख्यमंत्री ने अग्निशमन विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आग जैसी आपात स्थितियों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए रिस्पॉन्स टाइम को और कम किया जाना चाहिए।
उन्होंने विभाग को आधुनिक तकनीक, उन्नत उपकरण और संसाधनों से लैस करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
तकनीकी संसाधनों से मजबूत होगा अग्निशमन विभाग
राज्य सरकार अब अग्निशमन विभाग को आधुनिक बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि Fire Safety Audit के साथ-साथ विभागीय क्षमता निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरीकरण और बहुमंजिला भवनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आधुनिक अग्निशमन प्रणाली समय की आवश्यकता बन चुकी है। ऐसे में सरकार का यह कदम भविष्य में बड़े हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सुरक्षा नियमों के पालन पर रहेगा सरकार का फोकस
लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रदेश सरकार सुरक्षा मानकों को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। Fire Safety Audit के माध्यम से न केवल कमियों की पहचान की जाएगी, बल्कि संस्थानों को निर्धारित मानकों के अनुरूप ढालने का प्रयास भी किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि जागरूकता, तकनीकी सुधार और सख्त निगरानी के जरिए भविष्य में ऐसे हादसों की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में Fire Safety Audit अभियान की गति और प्रभाव पर सभी की नजरें रहेंगी।
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