Uttarakhand Ankita Bhandari Case: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कैंप कार्यालय में अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर CBI जांच की संस्तुति पर आभार व्यक्त करते भाजपा नेता एवं विधायक। PHOTO: CM X
Uttarakhand Ankita Bhandari Case: उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासन के लिए आज का दिन एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कैंप ऑफिस में एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई, जहां पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, BJP MLA खजान दास, वरिष्ठ नेता किशोर उपाध्याय, सहदेव सिंह पुंडीर, MLA आशा नौटियाल, रेनू बिष्ट, बृज भूषण चौहान और शक्ति लाल शाह ने CM धामी से भेंट की।
READ MORE: टिहरी गढ़वाल से देवभूमि का बड़ा संदेश, CM ने युवा और संस्कृति को बताया उत्तराखंड का फ्यूचर विजन
न्याय की ओर एक और कदम
इस भेंट का केंद्रीय मुद्दा था अंकिता भंडारी केस CBI जांच। सभी नेताओं ने अंकिता भंडारी मामले में CBI जांच की मंजूरी देने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। यह सिर्फ एक शिष्टाचार मुलाकात नहीं थी, बाल्की उत्तराखंड के लोगों के लिए एक इमोशनल और न्याय से जुड़ी हुई घोषणा का प्रतीक भी थी।
READ MORE: अंकिता के माता-पिता से मुलाकात के बाद सरकार का बड़ा भरोसा, न्याय दिलाना सर्वोच्च
अंकिता भंडारी केस और जनभावना
अंकिता भंडारी केस ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था। सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक, हर जगह एक ही आवाज़ उठी सच सामने आना चाहिए। इस तरह CBI जांच की मांग लगातार तेज़ होती जा रही थी। ऐसे में पुष्कर सिंह धामी सरकार का यह फैसला कि CBI जांच की संस्था दी जाए, एक मज़बूत पॉलिटिकल और एडमिनिस्ट्रेटिव सिग्नल है।
Uttarakhand Ankita Bhandari Case यह फैसला दिखता है कि राज्य सरकार किसी भी दबाव में है, अफवाह या राजनीतिक विरोध प्रत्यारोप से ऊपर उठाकर न्याय को प्राथमिक दे रही है। कैंप ऑफिस में हुई इस मुलाकात के दौरान नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीएम धामी का यह कदम पीड़ित परिवार के साथ-साथ पूरे उत्तराखंड के लोगों के विश्वास को मजबूत करता है।
सीएम धामी का साफ संदेश
पुष्कर सिंह धामी ने इस मौके पर एक बार फिर अपनी सरकार की स्थिति साफ की ‘न्याय के रास्ते में कोई भी रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।‘ उनका कहना था कि अंकिता भंडारी केस सिर्फ एक घटना नहीं, बाल्की सरकार के लिए एक टेस्ट है, जहाँ ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी दोनों ज़रूरी हैं।
CM धामी के कैंप ऑफिस से यह संदेश गया कि चाहे मामला कितना भी संवेदनशील क्यों न हो, सरकार सच तक पहुँचने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। इसी वजह से BJP के कई सीनियर नेता और विधायक खुद आकर CBI जांच की संस्था पर अपना आभार व्यक्त कर रहे हैं।
राजनीति से ऊपर उठकर न्याय
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी बात यह है कि अंकिता भंडारी केस को सिर्फ राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाए, उसे न्याय के चश्मे से देखा जा रहा है। कैंप ऑफिस में मौजूद सभी नेताओं ने यह माना कि CBI जांच से सच के सारे पहलू सामने आएंगे और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। यह भी साफ है कि उत्तराखंड की राजनीति में यह मुद्दा आने वाले समय में भी चर्चा का केंद्र बना रहेगा, लेकिन सरकार का रुख साफ है ‘सच और न्याय से समझौता नहीं।‘
जनता के विश्वास की जीत
यह मुलाकात सिर्फ एक फोटो-ऑप या ऑफिशियल मीटिंग नहीं थी, बाल्की यह जनता के विश्वास की जीत का प्रतीक है। अंकिता भंडारी केस CBI जांच की संस्था ने यह दिखाया है कि जब आवाज बुलंद होती है और सरकार संवेदनशील होती है, तो न्याय की दिशा में कदम बढ़ते हैं।उत्तराखंड के लिए यह एक मजबूत मैसेज है राज्य सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है, और सच को सामने लाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। पुष्कर सिंह धामी के कैंप ऑफिस से निकला यह संदेश आने वाले समय में राज्य की राजनीति और प्रशासन दोनों को एक नई दिशा देता हुआ नज़र आ रहा है।
Follow Us: Website Tv Today Bharat Uttarakhand Ankita Bhandari Case
