Smartphone Price Hike in India with rising mobile prices in 2026
Smartphone Price Hike: भारत में स्मार्टफोन खरीदने वालों के लिए 2026 की पहली छमाही आसान नहीं रही। Smartphone Price Hike का असर बाजार में साफ दिखाई दिया है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, जनवरी से जून 2026 के बीच भारत में स्मार्टफोन की औसत बिक्री कीमत में साल-दर-साल करीब 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ा है।
रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल की कीमत बढ़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह मेमोरी कंपोनेंट की बढ़ती लागत है। इसके अलावा रुपये की कमजोरी ने भी कंपनियों का खर्च बढ़ाया है। भारत में बड़ी संख्या में कंपोनेंट विदेशों से आते हैं। ऐसे में डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी का असर मोबाइल बनाने की लागत पर पड़ता है।
Smartphone Price Hike के पीछे क्या है बड़ी वजह?
Counterpoint Research के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में स्मार्टफोन की कीमत बढ़ने में मेमोरी की लागत ने अहम भूमिका निभाई। AI आधारित डेटा सेंटर के तेजी से विस्तार के कारण DRAM और NAND जैसी मेमोरी की मांग बढ़ी है। इससे स्मार्टफोन कंपनियों के लिए जरूरी कंपोनेंट महंगे हुए हैं।
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इसी वजह से Smartphone Price Hike का असर लगभग पूरे बाजार पर देखने को मिला। कंपनियों के पास लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाने के अलावा सीमित विकल्प रह गए। रुपये की कमजोर स्थिति ने भी इस दबाव को बढ़ाया।
भारत में बिकने वाले करीब 99 प्रतिशत स्मार्टफोन का निर्माण देश में होता है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर असेंबली होने के बावजूद कई जरूरी कंपोनेंट का आयात किया जाता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों और मुद्रा विनिमय दर में बदलाव का असर भारतीय बाजार पर पड़ता है।
10 हजार रुपये से कम वाले फोन पर सबसे ज्यादा असर
स्मार्टफोन बाजार के सभी सेगमेंट पर Smartphone Price Hike का असर एक जैसा नहीं रहा। Counterpoint Research के अनुसार, 10,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई।
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इस श्रेणी में औसत कीमत करीब 32 प्रतिशत तक बढ़ी। इसका एक कारण यह है कि बजट स्मार्टफोन में मेमोरी की लागत का हिस्सा पहले की तुलना में ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। जब कंपोनेंट महंगे हुए तो कंपनियों के लिए कम कीमत वाले फोन में पुराने मार्जिन को बनाए रखना मुश्किल हुआ।
इसका असर बिक्री पर भी पड़ा। 2026 की पहली छमाही में 10,000 रुपये से कम वाले स्मार्टफोन सेगमेंट की शिपमेंट में साल-दर-साल करीब 65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, 10,000 से 15,000 रुपये वाले सेगमेंट में भी शिपमेंट लगभग 20 प्रतिशत कम हुई। यह सेगमेंट लंबे समय से भारतीय स्मार्टफोन बाजार का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
महंगे फोन की बिक्री में क्यों बनी मजबूती?
जहां बजट स्मार्टफोन सेगमेंट दबाव में रहा, वहीं 20,000 रुपये से ज्यादा कीमत वाले फोन की मांग बनी रही। इस श्रेणी में कंपनियों ने कई तरह के ऑफर दिए। ट्रेड-इन डील और नो-कॉस्ट EMI जैसे विकल्पों ने ग्राहकों के लिए महंगे स्मार्टफोन खरीदना आसान बनाया।
इसके अलावा प्रीमियम स्मार्टफोन कंपनियों ने नए मॉडल अपेक्षाकृत ज्यादा शुरुआती कीमत पर लॉन्च किए। इससे पूरे बाजार की औसत बिक्री कीमत बढ़ने में भी मदद मिली। 2026 की दूसरी तिमाही में भारत में स्मार्टफोन की औसत बिक्री कीमत करीब 318 डॉलर तक पहुंच गई। यह बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
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OnePlus ने क्यों नहीं बढ़ाए ज्यादा दाम?
Smartphone Price Hike के बीच OnePlus का प्रदर्शन बाकी कई ब्रांड से अलग रहा। Counterpoint Research के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में कंपनी ने अपनी कीमतों में औसतन करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की। रिपोर्ट के अनुसार, OnePlus की सबसे बड़ी एकल कीमत बढ़ोतरी करीब 12 प्रतिशत रही। इसके मुकाबले इंडस्ट्री में कुछ अन्य ब्रांडों के मॉडल में अधिक तेज बढ़ोतरी देखने को मिली।
OnePlus को इसका फायदा बिक्री में भी मिला। Counterpoint के अनुमान के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में 20,000 रुपये से अधिक कीमत वाले ऑनलाइन स्मार्टफोन सेगमेंट में OnePlus टॉप पांच ब्रांडों में सबसे तेज बढ़ने वाला ब्रांड रहा। कंपनी की शिपमेंट में साल-दर-साल करीब 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया। दूसरी ओर, पूरे स्मार्टफोन बाजार में डबल-डिजिट गिरावट की आशंका जताई गई।
पहले से कंपोनेंट खरीदना आया काम
OnePlus की रणनीति में समय पर कंपोनेंट खरीदना अहम रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने साल की शुरुआत में ही मेमोरी और अन्य जरूरी कंपोनेंट का स्टॉक तैयार कर लिया था। इससे कंपनी को कीमतों में तेज बढ़ोतरी शुरू होने से पहले अपेक्षाकृत कम लागत पर मेमोरी हासिल करने का फायदा मिला। यही वजह बताई गई कि OnePlus को कीमतों में उतनी तेज बढ़ोतरी नहीं करनी पड़ी। Counterpoint के मुताबिक, कंपनी ने लागत के दबाव को अपने पूरे पोर्टफोलियो में बांटने की रणनीति अपनाई। इससे किसी एक प्राइस सेगमेंट पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ा।
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आगे भी मोबाइल महंगे रहेंगे?
Smartphone Price Hike का असर आने वाले समय में भी देखने को मिल सकता है। Counterpoint Research का अनुमान है कि 2028 से पहले मेमोरी की कीमतों में बड़ी राहत आने की संभावना कम है।
AI डेटा सेंटर के विस्तार से मेमोरी की मांग लगातार बढ़ रही है। अगर DRAM और NAND की सप्लाई पर दबाव बना रहा तो स्मार्टफोन कंपनियों की लागत भी ऊंची रह सकती है। इसके साथ रुपये की स्थिति भी महत्वपूर्ण होगी। अगर आयातित कंपोनेंट महंगे बने रहते हैं तो कंपनियों के लिए कीमतों को पुराने स्तर पर बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
ऐसे में भारतीय ग्राहकों के लिए आने वाले महीनों में स्मार्टफोन खरीदते समय कीमत और ऑफर दोनों पर नजर रखना जरूरी होगा। खासकर बजट सेगमेंट में Smartphone Price Hike का असर ज्यादा महसूस किया जा सकता है। वहीं, प्रीमियम सेगमेंट में कंपनियां ऑफर और फाइनेंसिंग विकल्पों के जरिए मांग को बनाए रखने की कोशिश कर सकती हैं।
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1 ने “फोन खरीदने से पहले जान लें ये खबर! 2026 में 16% बढ़ी कीमत, सस्ते Smartphones पर सबसे बड़ा असर” पर विचार किया;