Ahmedabad Firecracker Factory Blast: Rescue teams and firefighters at the site in Ramol after a deadly explosion at an illegal firecracker factory.
Ahmedabad Firecracker Factory Blast: गुजरात के अहमदाबाद में शनिवार को हुए Ahmedabad Firecracker Factory Blast ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। रामोल इलाके के मेहमदपुरा में स्थित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में अचानक हुए तेज धमाके और उसके बाद लगी भीषण आग में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास रहने वाले लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। प्रशासन, दमकल विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस परिसर में यह हादसा हुआ, वहां अवैध रूप से पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फैक्ट्री संचालक मेहुल डोडिया समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और विस्फोटक अधिनियम सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
धमाके के बाद मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार Ahmedabad Firecracker Factory Blast इतना शक्तिशाली था कि आसपास की इमारतों तक उसकी आवाज सुनाई दी। विस्फोट के तुरंत बाद फैक्ट्री से ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठने लगा। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
हादसे के स्थान के निकट स्थित RAF कैंप के जवान सबसे पहले मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। इसके कुछ ही देर बाद अहमदाबाद नगर निगम की दमकल टीमें और स्थानीय पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गईं। काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान चलाया गया।
अस्पताल में उपचार के दौरान बढ़ा मृतकों का आंकड़ा
Ahmedabad Firecracker Factory Blast में घायल लोगों को तत्काल विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार नौ घायलों को मणिनगर स्थित एलजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चार लोगों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बाद में गंभीर रूप से झुलसे चार अन्य लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई।
इनमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार अधिकांश घायल लगभग 95 प्रतिशत तक झुलस चुके थे, जिससे उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी। वहीं असरवा सिविल अस्पताल में भर्ती एक महिला की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। फिलहाल एक महिला का इलाज जारी है और चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
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पहले ही रद्द हो चुका था फैक्ट्री का लाइसेंस
पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस फैक्ट्री में Ahmedabad Firecracker Factory Blast हुआ, उसका संचालन मेहुल डोडिया कर रहा था। अधिकारियों के मुताबिक उसका लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था, इसके बावजूद परिसर में अवैध रूप से पटाखों का निर्माण जारी था।
संयुक्त पुलिस आयुक्त जयपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि फैक्ट्री बिना वैध अनुमति के संचालित की जा रही थी। मामले में हत्या, लापरवाही, विस्फोटक अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया और अवैध संचालन इतने लंबे समय तक कैसे जारी रहा।
जांच में सामने आएंगे हादसे के कारण
फिलहाल फॉरेंसिक विशेषज्ञ और विस्फोटक विशेषज्ञ घटनास्थल की जांच कर रहे हैं। शुरुआती आशंका है कि विस्फोट अत्यधिक मात्रा में रखे गए ज्वलनशील रसायनों या पटाखा निर्माण सामग्री के कारण हुआ होगा।
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हालांकि Ahmedabad Firecracker Factory Blast की वास्तविक वजह विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फैक्ट्री में कितने लोग कार्यरत थे और सुरक्षा के लिए कौन-कौन से इंतजाम किए गए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Ahmedabad Firecracker Factory Blast में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संदेश जारी करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद कर रहा है।
अवैध फैक्ट्रियों पर फिर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद एक बार फिर अवैध पटाखा फैक्ट्रियों के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विस्फोटक सामग्री से जुड़े उद्योगों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। बिना लाइसेंस संचालित इकाइयां न केवल कर्मचारियों बल्कि आसपास रहने वाले लोगों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन जाती हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अवैध प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
अधिकारियों का कहना है कि Ahmedabad Firecracker Factory Blast की जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पूरे शहर में अवैध पटाखा निर्माण इकाइयों और विस्फोटक सामग्री रखने वाले परिसरों की जांच भी तेज की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा तथा दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
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