Amit Shah reviews Chicken Neck Security and Siliguri Corridor security near Kishanganj(PC- ANI)
Chicken Neck Security: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 20 से 22 अगस्त तक पश्चिम बंगाल के दौरे के बीच बिहार के किशनगंज और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा गतिविधियां बढ़ गई हैं। सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठकों के बीच सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी ‘चिकन नेक’ की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इस गलियारे के आसपास किशनगंज की भौगोलिक स्थिति इसे और अहम बना देती है, क्योंकि जिले की सीमाएं नेपाल और बांग्लादेश के करीब हैं।
अमित शाह के दौरे के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस
अमित शाह का पश्चिम बंगाल दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पूर्वोत्तर भारत से जुड़े रणनीतिक इलाकों की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी की जरूरत बनी रहती है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, दौरे के दौरान Chicken Neck Security से जुड़े पहलुओं पर अधिकारियों के साथ चर्चा हुई है।
किशनगंज सिलीगुड़ी कॉरिडोर के नजदीक स्थित होने के कारण सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों को देश के शेष हिस्से से जोड़ने वाला यह गलियारा रणनीतिक, आर्थिक और सैन्य दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी गतिविधियां
गृह मंत्री के दौरे को देखते हुए किशनगंज से सटी भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा गतिविधियों में तेजी आई है। सीमा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के साथ कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए अधिकारियों के स्तर पर समन्वय किया जा रहा है।
इसी क्रम में भारत-नेपाल सीमा जिला स्तरीय समन्वय समिति यानी BDCC की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य सीमा क्षेत्र से जुड़े सुरक्षा और प्रशासनिक मुद्दों पर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल कायम करना रहा।
SSB की 19वीं वाहिनी परिसर में हुई अहम बैठक
भारत-नेपाल सीमा से जुड़े अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ठाकुरगंज स्थित सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 19वीं वाहिनी के परिसर में आयोजित हुई। बैठक में किशनगंज के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
नेपाल की ओर से भी सीमावर्ती जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान सीमा सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और दोनों देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय को लेकर चर्चा की गई। Chicken Neck Security के लिहाज से भारत-नेपाल सीमा पर प्रभावी निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तस्करी और अवैध गतिविधियों पर कड़ा पहरा
बैठक में सीमा क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए प्रभावी रणनीति पर चर्चा हुई। खास तौर पर मादक पदार्थों और प्रतिबंधित सामान की तस्करी पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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सीमा पार होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर साझा करने और संबंधित एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को तेज करने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा आर्थिक अपराधों पर नियंत्रण और अवांछित तत्वों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के मुद्दे को भी बैठक में महत्व दिया गया।
आपात स्थिति में तेज समन्वय पर जोर
सीमा क्षेत्र में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दोनों देशों की एजेंसियों के बीच त्वरित संपर्क और समन्वय जरूरी माना जाता है। बैठक में इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
सीमा पार अपराधों की रोकथाम, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल को महत्वपूर्ण बताया गया। Chicken Neck Security को लेकर भी इसी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के संदर्भ में निगरानी को अहम माना जा रहा है।
बैठक में कौन-कौन अधिकारी रहे मौजूद?
बैठक में किशनगंज के जिला पदाधिकारी नवीन कुमार और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मौजूद रहे। नेपाल की ओर से झापा के प्रमुख जिला अधिकारी शिवराम गेलल और मोरंग के प्रमुख जिला अधिकारी युवराज कटेल ने हिस्सा लिया।
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इसके अलावा नेपाल पुलिस के पुलिस अधीक्षक और सशस्त्र पुलिस बल के अधिकारियों समेत दोनों देशों से जुड़े अन्य अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने और किसी भी चुनौती से मिलकर निपटने पर चर्चा की।
क्या है ‘चिकन नेक’ और क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
‘चिकन नेक’ के नाम से पहचाना जाने वाला Siliguri Corridor पश्चिम बंगाल में स्थित एक संकरा भू-भाग है। यह भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्से से जोड़ने वाला प्रमुख जमीनी संपर्क मार्ग है। अपने रणनीतिक महत्व के कारण इसे भारत की सामरिक जीवनरेखा भी कहा जाता है।
इस कॉरिडोर का सबसे संकरा हिस्सा करीब 20 किलोमीटर के आसपास बताया जाता है। इसके एक ओर नेपाल और दूसरी ओर बांग्लादेश के निकटवर्ती क्षेत्र हैं, जबकि भौगोलिक रूप से यह इलाका भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के बीच बेहद महत्वपूर्ण स्थिति रखता है।
यही वजह है कि Chicken Neck Security भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विमर्श में लगातार महत्वपूर्ण विषय बना रहता है। यहां किसी भी तरह की सुरक्षा चुनौती का असर केवल पश्चिम बंगाल या बिहार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्तर-पूर्वी राज्यों से देश के बाकी हिस्सों के संपर्क पर भी पड़ सकता है।
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किशनगंज क्यों बना सुरक्षा के लिहाज से अहम?
किशनगंज की भौगोलिक स्थिति इसे पूर्वी भारत के महत्वपूर्ण सीमावर्ती जिलों में शामिल करती है। जिले की निकटता नेपाल और बांग्लादेश से है और यह सिलीगुड़ी कॉरिडोर के आसपास के रणनीतिक क्षेत्र से भी जुड़ा हुआ है।
ऐसे में सीमा सुरक्षा से जुड़े मामलों में किशनगंज प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली गतिविधियों की निगरानी, तस्करी रोकना और दोनों देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय जैसे मुद्दे स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था के अहम हिस्से हैं।
अमित शाह के दौरे से बढ़ी रणनीतिक हलचल
अमित शाह का पश्चिम बंगाल का एक महीने के भीतर दूसरा दौरा भी सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके दौरे के बीच सीमावर्ती जिलों में अधिकारियों की सक्रियता बढ़ी है। हालांकि किसी विशेष खतरे को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
फिलहाल Chicken Neck Security को लेकर प्रशासनिक और सुरक्षा स्तर पर निगरानी तथा समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। भारत-नेपाल सीमा की बैठक और सिलीगुड़ी कॉरिडोर से जुड़े सुरक्षा पहलुओं पर चर्चा ने इस रणनीतिक क्षेत्र के महत्व को एक बार फिर सामने ला दिया है।
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