Flood Update India showing severe flooding in Kerala, Assam and Odisha after heavy rainfall
Flood Update India: देशभर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब बड़े मानवीय संकट का रूप ले चुकी है। ताजा Flood Update India के अनुसार केरल, असम और ओडिशा सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल हैं, जहां बाढ़ और बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। केरल में भारी वर्षा और भूस्खलन से 25 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि असम में बाढ़ से मृतकों का आंकड़ा 87 तक पहुंच गया है। वहीं ओडिशा में भी बाढ़ ने 22 जिलों को प्रभावित किया है, जहां करीब 8.64 लाख लोग इस प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे हैं।
मौसम विभाग ने कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन राहत और बचाव कार्यों के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटा है।
केरल में लगातार बारिश से बिगड़े हालात
Flood Update India के तहत सबसे चिंताजनक स्थिति केरल में बनी हुई है। राज्य में 1 अगस्त से लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में सामान्य जीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य सरकार के अनुसार बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 10 लोग घायल हुए हैं।
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भारी बारिश के कारण 52 मकान पूरी तरह ढह गए हैं, जबकि 565 से अधिक घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और 400 से अधिक राहत शिविरों में 18 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं। पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम और अलाप्पुझा जिले सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं।
181 प्रतिशत अधिक बारिश, आठ जिलों में रेड अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 1 से 4 अगस्त के बीच केरल में 205.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 181 प्रतिशत अधिक है। इसी कारण Flood Update India में केरल को सबसे संवेदनशील राज्य माना जा रहा है।
आईएमडी ने पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्णाकुलम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों को नदी किनारों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
सरकार करेगी दस्तावेज और किताबों की भरपाई
बारिश और बाढ़ के कारण हजारों परिवारों के महत्वपूर्ण दस्तावेज, स्कूल की किताबें और घरेलू सामान नष्ट हो गए हैं। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि प्रभावित नागरिकों के जरूरी दस्तावेज दोबारा बनवाने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
इसके अलावा विद्यार्थियों को नई पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने घर और रोजगार गंवाने वाले परिवारों को आर्थिक सहायता देने का भी भरोसा दिलाया है। प्रत्येक वार्ड में सफाई और पुनर्वास कार्य के लिए अतिरिक्त धनराशि भी जारी की गई है।
असम में बाढ़ से 87 मौतें, लाखों लोग प्रभावित
Flood Update India के अनुसार असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के मुताबिक इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 87 हो गई है। हाल ही में शिवसागर जिले में दो और लोगों की मौत दर्ज की गई।
राज्य के छह जिले अब भी बाढ़ की चपेट में हैं और लगभग 1.28 लाख लोग प्रभावित हैं। शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित जिला बना हुआ है, जहां 55 हजार से अधिक लोग बाढ़ का सामना कर रहे हैं। चराईदेव और जोरहाट में भी हजारों परिवार राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
प्रशासन लगातार नावों और राहत दलों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहा है तथा आवश्यक खाद्य सामग्री और दवाइयों की आपूर्ति की जा रही है।
ओडिशा के 22 जिलों में 8.64 लाख लोग प्रभावित
ओडिशा में भी भारी बारिश और बाढ़ ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है। Flood Update India के तहत सामने आए आंकड़ों के अनुसार राज्य के 22 जिले प्रभावित हुए हैं और लगभग 8.64 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए 110 करोड़ रुपये के शुरुआती पैकेज की घोषणा की है। सरकार ने क्षति का आकलन करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है।
अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 3,567 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। पूरी तरह नष्ट मकानों के लिए 1.20 लाख रुपये तक की सहायता देने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा किसानों और पशुपालकों को भी एसडीआरएफ मानकों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश और मेघालय के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन राज्यों में होने वाली भारी बारिश का असर असम के सीमावर्ती इलाकों पर भी पड़ सकता है।
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नागालैंड के कई हिस्सों में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के कारण बाढ़, भूस्खलन और सड़क संपर्क बाधित होने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
लगातार बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने, अनावश्यक यात्रा से बचने और आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मानसून का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, जिससे कम समय में अत्यधिक बारिश और बाढ़ जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में समय रहते तैयारी और सतर्कता ही नुकसान को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है।
राहत कार्यों के साथ सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिश
देश के विभिन्न राज्यों में जारी Flood Update India यह संकेत देता है कि भारी बारिश का असर केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है। केरल, असम, ओडिशा और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों को तेज कर चुका है। हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने, आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और सुरक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।
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