Haryana Investment Summit: Haryana Chief Minister Nayab Singh Saini addressing industry leaders and investors during Happening Haryana 2.0 investment outreach in Mumbai. । photo: X
मुंबई में आयोजित निवेश संवाद ने Haryana Investment Summit को नई गति दी। राज्य सरकार के अनुसार, दूसरे दिन विभिन्न कंपनियों के साथ ₹66,000 करोड़ से अधिक के समझौता ज्ञापन हुए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे दीर्घकालिक भागीदारी का मंच बताया। Mumbai Investor Meet और Investment Proposals के जरिए सरकार ने भरोसा, गति और जवाबदेही को अपनी प्रमुख पेशकश बनाया।
₹66,000 करोड़ से मजबूत शुरुआत
Haryana Investment Summit के तहत हुए समझौतों ने औद्योगिक विस्तार की दिशा में बड़ा संकेत दिया। अधिकारियों और कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह की मौजूदगी में दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया। Happening Haryana 2.0 और Industrial Growth से जुड़ी पहल का उद्देश्य निवेश रुचि को जमीन पर उतरने वाली परियोजनाओं में बदलना है।
फाइल नहीं, प्रोजेक्ट’ पर जोर
मुख्यमंत्री सैनी ने Haryana Investment Summit में कहा कि प्राथमिकता फाइलों की आवाजाही नहीं, परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति है। उन्होंने उद्योग जगत को तेज निर्णय, पारदर्शी प्रक्रिया और उत्तरदायी प्रशासन का भरोसा दिया। Project Movement और Policy Certainty के माध्यम से हरियाणा निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का संदेश दे रहा है।

पांच स्पष्ट आश्वासन
Haryana Investment Summit में सरकार ने नीतिगत स्थिरता, तय समय में मंजूरी, सक्रिय सहयोग, उद्योग की जरूरत के अनुरूप कौशल व कनेक्टिविटी और निवेश को स्थानीय रोजगार तथा क्षेत्रीय विकास से जोड़ने के पांच आश्वासन रखे। Fast Approvals और Investor Support को इस व्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार के रूप में प्रस्तुत किया गया।
जिलों से बनेगा नया औद्योगिक नक्शा
Haryana Investment Summit की रणनीति क्षेत्रवार औद्योगिक क्षमता पर आधारित है। उत्तर में खाद्य प्रसंस्करण, औषधि और लॉजिस्टिक्स; मध्य में इंजीनियरिंग, कपड़ा और वाहन उद्योग; दक्षिण में सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स व ई-मोबिलिटी; पश्चिम में कृषि-आधारित उद्योग और नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर है। Regional Growth और Sector Clusters इस मॉडल की दिशा तय करते हैं।
आर्थिक ताकत भी निवेश का आधार
Haryana Investment Summit के मंच पर बताया गया कि हरियाणा देश के भौगोलिक क्षेत्र का करीब 1.3 प्रतिशत हिस्सा रखता है, जबकि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में लगभग 3.6 प्रतिशत योगदान देता है। Economic Scale और Business Ecosystem को मजबूत करने में गुरुग्राम, फरीदाबाद और मानेसर की औद्योगिक भूमिका को राज्य ने अपनी प्रतिस्पर्धी ताकत के रूप में रखा।
पुराने समझौतों का भी हवाला
Haryana Investment Summit की विश्वसनीयता दिखाने के लिए सरकार ने गुरुग्राम के उद्योग नीति कार्यक्रम का उदाहरण दिया। वहां ₹1.10 लाख करोड़ के समझौता ज्ञापन हुए थे और 123 कंपनियों में से 108 को भूमि उपलब्ध कराने की बात मुख्यमंत्री ने कही। Land Allotment और Execution Track का यह आंकड़ा घोषणा से आगे क्रियान्वयन का संदेश देता है।
रोजगार, छोटे उद्योग और किसान
Haryana Investment Summit की सोच बड़े उद्योग समूहों तक सीमित नहीं है। सरकार निवेश को स्थानीय नौकरियों, छोटे कारोबार, नवाचार और जिलेवार विकास से जोड़ना चाहती है। किसानों को प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और वैश्विक बाजारों से जोड़ने पर भी जोर है। Local Employment और MSME Growth को व्यापक आर्थिक भागीदारी के साधन के रूप में रखा गया।
2047 की बड़ी दिशा
Haryana Investment Summit को दीर्घकालिक विकास लक्ष्य से भी जोड़ा गया है। सरकार ने अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से आगे ले जाने, प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने, युवाओं की रोजगार क्षमता मजबूत करने और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। Haryana Vision 2047 और Future Ready Economy इस सोच के केंद्रीय संकेत हैं।
अप्रैल 2027 के लिए मुंबई से न्योता
Haryana Investment Summit के मुंबई चरण का अगला बड़ा पड़ाव अप्रैल 2027 में प्रस्तावित वैश्विक निवेश सम्मेलन है। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को हरियाणा की विकास यात्रा में दीर्घकालिक भागीदार बनने का आह्वान किया। Global Investors Summit और April 2027 के जरिए राज्य घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय पूंजी को एक बड़े मंच से जोड़ना चाहता है।

फडणवीस से शिष्टाचार भेंट
मुंबई प्रवास में Haryana Investment Summit की गतिविधियों के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके आधिकारिक आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। यह संपर्क दो औद्योगिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों के बीच संवाद का संकेत रहा। Inter State Cooperation और Development Partnership ने निवेश अभियान को व्यापक प्रशासनिक संदर्भ भी दिया। प्रवासी हरियाणवियों को मिट्टी, मेहनत और ईमानदारी से जुड़े रहने का संदेश निवेश अभियान की सामाजिक दिशा भी बताता है।
