Kisan Bachao Padyatra farmers marching 228 km from Punjab Haryana border to Delhi
12 अगस्त 2026|Kisan Bachao Padyatra: पंजाब-हरियाणा सीमा से दिल्ली तक किसानों की एक नई पदयात्रा आज से शुरू होने जा रही है। Kisan Bachao Padyatra के तहत किसान दाता सिंह वाला-खनौरी बॉर्डर से दिल्ली के जंतर-मंतर तक करीब 228 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करेंगे। किसान नेताओं के मुताबिक यह यात्रा 29 अगस्त को दिल्ली पहुंचेगी, जहां जंतर-मंतर पर किसान महापंचायत आयोजित करने का प्रस्ताव है।
इस पदयात्रा को संयुक्त किसान मोर्चा यानी SKM का समर्थन बताया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित रहेगा। खास बात यह है कि इस बार किसानों की यात्रा में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। 51 किसान पूरे रास्ते पैदल चलेंगे, जबकि उनके साथ करीब 200 सहयोगी किसान और सपोर्ट वाहन रहेंगे।
आज से शुरू होगा 228 किलोमीटर का पैदल मार्च
Kisan Bachao Padyatra पंजाब-हरियाणा सीमा पर स्थित दाता सिंह वाला गांव से शुरू होकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक जाएगी। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य किसानों से जुड़े लंबित मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है।
Read :सेना प्रमुख ने CM नायब सिंह सैनी से की मुलाकात, अग्निवीरों के रोजगार पर हुई अहम चर्चा
आयोजकों के मुताबिक यात्रा के दौरान अलग-अलग स्थानों से किसान और समर्थक इससे जुड़ सकते हैं। इससे पदयात्रा का आकार रास्ते में बढ़ने की संभावना है। किसानों का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाना है।
51 किसान पैदल तय करेंगे पूरी दूरी
इस Kisan Bachao Padyatra में 51 किसान पूरे 228 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करेंगे। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में यह जत्था पंजाब-हरियाणा सीमा से आगे बढ़ेगा।
मार्च का रास्ता हरियाणा के कई महत्वपूर्ण इलाकों से होकर गुजरने वाला है। नरवाना और जींद जैसे स्थानों के अलावा यात्रा के दौरान सिंघु बॉर्डर की ओर भी बढ़ा जाएगा। रास्ते में 200 से अधिक सहयोगी किसानों के शामिल होने की बात कही गई है।
आयोजकों का कहना है कि मुख्य जत्थे के साथ जरूरी सहायता के लिए सपोर्ट वाहन भी मौजूद रहेंगे, ताकि लंबी दूरी की इस यात्रा के दौरान किसानों को आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
29 अगस्त को जंतर-मंतर पहुंचेगी पदयात्रा
करीब एक सप्ताह चलने वाली Kisan Bachao Padyatra के 29 अगस्त को दिल्ली पहुंचने की योजना है। यात्रा के अंतिम पड़ाव के रूप में जंतर-मंतर को चुना गया है। यहां किसान पंचायत या महापंचायत आयोजित करने का प्रस्ताव है।
Read : हरियाणा के बॉक्सरों का जलवा, एक दिन में 6 गोल्ड जीतकर रचा इतिहास
किसान संगठन इस पंचायत के माध्यम से अपनी मांगों और केंद्र सरकार के साथ लंबित बातचीत का मुद्दा उठाने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से कई मुद्दे चर्चा की मांग कर रहे हैं और सरकार के साथ इन पर गंभीर बातचीत जरूरी है।
MSP की कानूनी गारंटी सबसे प्रमुख मांग
किसानों की प्रमुख मांगों में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP की कानूनी गारंटी शामिल है। किसान संगठन लंबे समय से मांग करते रहे हैं कि किसानों को उनकी उपज का उचित और सुनिश्चित मूल्य मिलना चाहिए।
Kisan Bachao Padyatra के दौरान MSP के अलावा किसानों और खेत मजदूरों से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाए जाएंगे। संगठनों का कहना है कि खेती से जुड़े परिवारों की आर्थिक स्थिति, बढ़ते कर्ज और सामाजिक सुरक्षा जैसे विषयों पर भी सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
कर्ज और पेंशन का मुद्दा भी उठेगा
किसानों की मांगों में कर्ज से जुड़ी समस्याएं भी शामिल हैं। किसान संगठनों का कहना है कि खेती की बढ़ती लागत और आय में अनिश्चितता के कारण कई किसान आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में कर्ज से जुड़े मामलों पर राहत और स्थायी समाधान की जरूरत है।
ALSO READ: BOLLYWOOD NEWS |COMMONWEALTH GAME 2026 | SPORT NEWS | CRIME NEWS
इसके अलावा किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन तथा सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा भी पदयात्रा में प्रमुखता से उठाया जाएगा। किसान संगठन चाहते हैं कि उम्र बढ़ने के बाद खेती और कृषि मजदूरी पर निर्भर लोगों के लिए बेहतर सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था हो।
सरकार से बातचीत नहीं होने पर नाराजगी
Kisan Bachao Padyatra के पीछे एक प्रमुख मुद्दा केंद्र सरकार के साथ लंबित बातचीत भी बताया जा रहा है। किसान नेताओं का आरोप है कि कई महत्वपूर्ण मांगों पर अभी तक संतोषजनक चर्चा नहीं हुई है।
किसान संगठन चाहते हैं कि सरकार उनके प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करे और लंबित मांगों पर स्पष्ट रुख सामने रखे। इसी वजह से जंतर-मंतर पर प्रस्तावित किसान पंचायत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Read: 12 जिलों में बारिश के आसार, 2 दिन सुस्त रहेगा मानसून, 14-15 अगस्त को फिर बरसेंगे बादल
ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के बजाय पैदल मार्च
इस बार की Kisan Bachao Padyatra की एक बड़ी खासियत यह है कि इसमें ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। 51 किसान पैदल पूरी दूरी तय करेंगे। आयोजकों का कहना है कि इस फैसले से यात्रा को अधिक अनुशासित तरीके से आयोजित करने में मदद मिलेगी।
किसान नेताओं ने प्रशासन और आम लोगों को भरोसा दिलाया है कि मार्च के कारण सामान्य जनजीवन और यातायात को प्रभावित करने की कोशिश नहीं होगी। यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है।
शांतिपूर्ण यात्रा का भरोसा
आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि Kisan Bachao Padyatra शांतिपूर्ण तरीके से निकाली जाएगी। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से भी यात्रा को लेकर आयोजकों को भरोसा दिया गया है कि आम लोगों को परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा।
228 किलोमीटर लंबी यात्रा होने के कारण रास्ते में स्थानीय प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। किसानों के जत्थे के अलग-अलग स्थानों से गुजरने के दौरान यातायात व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों पर भी नजर रहेगी।
किसान शुभम को श्रद्धांजलि का भी दावा
आयोजकों के अनुसार, यह मार्च केवल किसानों की मांगों को उठाने तक सीमित नहीं है। इसे किसान शुभम को श्रद्धांजलि से भी जोड़ा गया है, जिनकी पहले हुए एक प्रदर्शन के दौरान मौत हुई थी।
Read: 20 मिनट में फरीदाबाद से गुरुग्राम का सफर, 64 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर से NCR की बदलेगी तस्वीर
किसान नेताओं का कहना है कि यात्रा के जरिए वे अपनी मांगों के साथ उन किसानों की याद को भी सामने रखना चाहते हैं, जिन्होंने आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवाई।
जंतर-मंतर पर क्या होगा?
29 अगस्त को Kisan Bachao Padyatra के जंतर-मंतर पहुंचने के बाद किसान पंचायत आयोजित करने की योजना है। यहां MSP, कर्ज, पेंशन, खेत मजदूरों की समस्याओं और सरकार के साथ लंबित बातचीत समेत कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
फिलहाल किसान संगठन शांतिपूर्ण मार्च पर जोर दे रहे हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि 228 किलोमीटर की यह यात्रा किस तरह आगे बढ़ती है और दिल्ली पहुंचने के बाद किसान पंचायत में सरकार के सामने कौन-कौन से मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाते हैं।
Kisan Bachao Padyatra ऐसे समय में शुरू हो रही है, जब किसानों की आय, MSP, कृषि लागत, कर्ज और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े सवाल लगातार सार्वजनिक बहस का हिस्सा बने हुए हैं। 29 अगस्त को जंतर-मंतर पर होने वाली प्रस्तावित किसान पंचायत इस पूरे अभियान का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव होगी।
UTTAR PRADESH |UTTARAKHAND UPDATE |CM YOGI BREAKING |EXPLAINER TV TODAY BHARAT|WEB STORY |NATIONAL NEWS TODAY | Business Bharat
