Kangana Ranaut BJP MP criticises Congress and Rahul Gandhi । PHOTO: ANI
Kangana Ranaut: हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में राजनीति का पारा उस समय चढ़ गया, जब भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कांग्रेस सरकार और राहुल गांधी पर तीखे सवाल उठाए। मंडी से सांसद कंगना ने कुल्लू दौरे के दौरान आरोप लगाया कि केंद्र से आने वाली विकास राशि का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। उनके बयान से भ्रष्टाचार, राहत कार्यों और सरकारी जवाबदेही पर नई बहस छिड़ गई।
कांग्रेस पर गंभीर आरोप
Kangana Ranaut : कंगना रनौत ने हिमाचल की कांग्रेस सरकार पर फंड डायवर्जन का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार पहले भी राज्य को आर्थिक सहायता देती रही है। लेकिन उन्हें आशंका है कि विकास के लिए आने वाली रकम दूसरी जगह इस्तेमाल हो रही है। उन्होंने राहत और विकास कार्यों की गति पर भी सवाल उठाए। हालांकि इन आरोपों को साबित करने वाले स्वतंत्र जांच निष्कर्ष सामने नहीं रखे गए।
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राहुल गांधी पर कटाक्ष
Kangana Ranaut : भाजपा सांसद ने राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका पर भी सवाल उठाए। कुल्लू में उन्होंने राहुल के बयानों की आलोचना की और उनकी राजनीतिक समझ पर तंज कसा। कंगना के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व को बयानबाजी के बजाय जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। इस तरह कांग्रेस सरकार के कामकाज के साथ राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई।
हिमाचल में सियासी लड़ाई
Kangana Ranaut: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा लंबे समय से प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार काम कर रही है, जबकि भाजपा विपक्ष की भूमिका निभा रही है। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में कंगना ने मंडी सीट जीतकर सक्रिय राजनीति में अपनी पहचान बनाई। अब उनके बयान राज्य सरकार की नीतियों पर बहस को और तेज करते हैं।
राहत राशि पर सवाल
Kangana Ranaut : हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में बारिश, भूस्खलन और बाढ़ से सड़कें, मकान तथा कारोबार प्रभावित होते हैं। ऐसे में सरकारी राहत राशि का समय पर पहुंचना बेहद जरूरी है। कंगना ने सितंबर 2025 में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हुए सहायता राशि के इस्तेमाल पर सवाल उठाए थे। लेकिन जनता के लिए असली मुद्दा यह है कि प्रभावित परिवारों को सहायता कब और कितनी मिली।
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कांग्रेस का पलटवार
Kangana Ranaut : कंगना के आरोपों पर कांग्रेस की ओर से भी जवाब आया था। मुख्यमंत्री सुक्खू के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने उनके आपदा प्रभावित क्षेत्रों में देर से पहुंचने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा था कि सांसद को पीड़ितों की मदद करने और केंद्र से राहत अनुदान दिलाने पर ध्यान देना चाहिए। इससे स्पष्ट है कि दोनों दल राहत कार्यों को लेकर एक-दूसरे की जवाबदेही तय करने की कोशिश कर रहे हैं।
2026 में फिर उठा मुद्दा
Kangana Ranaut: जुलाई 2026 में भी कंगना ने आरोप लगाया कि हिमाचल सरकार उनके द्वारा कुल्लू और मंडी के विकास कार्यों के लिए आवंटित सांसद निधि रोक रही है। इस बयान ने पुराने फंड विवाद को फिर चर्चा में ला दिया। हालांकि सांसद निधि रोकने का आरोप और फंड डायवर्ट करने का आरोप अलग-अलग विषय हैं। दोनों के तथ्य और आधिकारिक रिकॉर्ड की स्वतंत्र जांच जरूरी है। Daily Excelsior
जनता को क्या फायदा?
Kangana Ranaut: राजनीतिक आरोपों से आगे बढ़कर सबसे बड़ा सवाल जनता के हित का है। किसी भी विकास योजना की सफलता राशि जारी होने से नहीं, बल्कि काम पूरा होने से तय होती है। सड़क निर्माण, सुरक्षित पुल, रोजगार और आपदा राहत जैसी सुविधाएं आम लोगों की प्राथमिकता हैं। इसलिए सरकार को योजनाओं का खर्च और प्रगति सार्वजनिक करनी चाहिए, जबकि विपक्ष को अपने आरोपों के समर्थन में प्रमाण देने चाहिए।
आगे क्या होगा?
Kangana Ranaut : कंगना रनौत के बयान बताते हैं कि हिमाचल की राजनीति में विकास और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे लगातार अहम बने हुए हैं। कांग्रेस के सामने अपनी योजनाओं के परिणाम दिखाने की चुनौती है, जबकि भाजपा को आरोपों के साथ ठोस तथ्य भी रखने होंगे। आखिरकार जनता का भरोसा भाषणों या फिल्मी अंदाज से नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले काम से तय होगा।
-समाप्त-

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