Saudi Pakistan Defence Pact: Shashi Tharoor on Saudi Pakistan Defence Pact and India's security concerns : IMAGE : INDIA TODAY
नई दिल्ली (TTB): सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुआ Saudi Pakistan Defence Pact एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीति की चर्चा में है। सितंबर 2025 में हुए सऊदी पाकिस्तान रक्षा समझौते पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारत को संयम बरतने की सलाह दी थी। उनका कहना था कि इस समझौते को भारत के खिलाफ उठाया गया कदम मानना सही नहीं होगा। हालांकि, भारत की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से इसके प्रभावों को समझना जरूरी है।
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क्या है पूरा रक्षा समझौता?
17 सितंबर 2025 को रियाद में Saudi Pakistan Defence Pact पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हस्ताक्षर किए। सऊदी पाकिस्तान रक्षा समझौते में कहा गया कि किसी एक देश पर हमला दोनों के खिलाफ आक्रामकता माना जाएगा। यह व्यवस्था भारत की विदेश नीति के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पाकिस्तान के साथ भारत के लंबे समय से सुरक्षा संबंधी विवाद रहे हैं।
शशि थरूर ने क्या कहा?
23 सितंबर 2025 को शशि थरूर ने Saudi Pakistan Defence Pact पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोनों देशों का सैन्य सहयोग नया नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय सऊदी अरब में करीब 20 हजार पाकिस्तानी सैनिक मौजूद थे। उनके अनुसार, सऊदी पाकिस्तान रक्षा समझौता पुराने संबंधों का औपचारिक विस्तार है। इसलिए भारत की विदेश नीति को भावनात्मक प्रतिक्रिया के बजाय वास्तविक परिस्थितियों और कूटनीतिक तथ्यों पर आधारित होना चाहिए।
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समझौते की कौन-सी शर्त चिंताजनक?
थरूर ने Saudi Pakistan Defence Pact की सामूहिक सुरक्षा वाली शर्त को चिंता का विषय बताया। सवाल यह है कि भविष्य में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने पर सऊदी अरब की भूमिका क्या होगी? हालांकि, सऊदी पाकिस्तान रक्षा समझौते का अर्थ हर परिस्थिति में स्वतः सैन्य हस्तक्षेप नहीं माना जा सकता। इसके व्यावहारिक परिणाम परिस्थितियों और समझौते के क्रियान्वयन पर निर्भर करेंगे। भारत की विदेश नीति के सामने इन पहलुओं को समझने की चुनौती है।
भारत सरकार की क्या प्रतिक्रिया रही?
Saudi Pakistan Defence Pact पर विदेश मंत्रालय ने 18 सितंबर 2025 को स्पष्ट किया कि सरकार इसके राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करेगी। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। 19 सितंबर को भारत ने यह अपेक्षा भी जताई कि सऊदी पाकिस्तान रक्षा समझौते के बावजूद रियाद आपसी हितों और संवेदनशीलताओं का ध्यान रखेगा। यह भारत की विदेश नीति का संतुलित रुख था।
भारत और सऊदी अरब के रिश्ते
Saudi Pakistan Defence Pact के बावजूद भारत और सऊदी अरब के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग महत्वपूर्ण बने हुए हैं। दोनों देशों के संबंध केवल सुरक्षा मामलों तक सीमित नहीं हैं। इसलिए सऊदी पाकिस्तान रक्षा समझौते को भारत-सऊदी संबंधों के अंत के रूप में देखना उचित नहीं होगा। भारत की विदेश नीति के लिए जरूरी है कि आर्थिक सहयोग के साथ सुरक्षा हितों पर भी बातचीत जारी रहे।
2026 में क्या बदला?
अक्टूबर 2026 में Saudi Pakistan Defence Pact से जुड़ी क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। तुर्किये ने सऊदी अरब और पाकिस्तान के साथ अलग त्रिपक्षीय रक्षा समझौते को संसदीय मंजूरी की प्रक्रिया में आगे बढ़ाया। 28 अक्टूबर के आसपास तुर्किये की संसदीय विदेश मामलों की समिति ने इसे मंजूरी दी, लेकिन पूर्ण संसदीय अनुमोदन बाकी था। यह विकास सऊदी पाकिस्तान रक्षा समझौते की व्यापक क्षेत्रीय अहमियत बढ़ाता है। ऐसे में भारत की विदेश नीति के लिए इन बदलते समीकरणों पर नजर रखना जरूरी है।
पाकिस्तान को कितना फायदा?
Saudi Pakistan Defence Pact पाकिस्तान को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोगी प्रदान करता है। इससे रक्षा सहयोग, प्रशिक्षण और सैन्य समन्वय बढ़ने की संभावनाएं बनती हैं। हालांकि, सऊदी पाकिस्तान रक्षा समझौते से पाकिस्तान को भारत के खिलाफ बिना शर्त सैन्य समर्थन मिलने का दावा करना जल्दबाजी होगी। भारत की विदेश नीति के लिए वास्तविक चुनौती यह समझना है कि क्षेत्रीय संकट में विभिन्न देश किस प्रकार निर्णय लेते हैं।
भारत के सामने आगे की चुनौती
Saudi Pakistan Defence Pact ने दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया के सुरक्षा संबंधों को नई चर्चा दी है। सऊदी पाकिस्तान रक्षा समझौता भारत के लिए तत्काल युद्ध या टकराव का प्रमाण नहीं है, लेकिन इसकी अनदेखी भी उचित नहीं होगी। शशि थरूर का मूल संदेश संयम और कूटनीतिक समझ पर आधारित था। आने वाले समय में भारत की विदेश नीति की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि भारत अपने सुरक्षा हितों और खाड़ी देशों के साथ मजबूत संबंधों में किस तरह संतुलन बनाए रखता है।
-समाप्त-

“2” पर सऊदी-पाकिस्तान रक्षा समझौते पर थरूर का बयान, भारत की चिंता क्यों बढ़ी? के विचार