Sandeep Dikshit and Rahul Gandhi at Congress event amid Meloni remark controversy
नई दिल्ली|14 अगस्त 2026 :Sandeep Dikshit Meloni controversy कांग्रेस के एक कार्यक्रम में राहुल गांधी और पार्टी नेता संदीप दीक्षित के बीच हुई बातचीत इन दिनों राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है। दिल्ली के मालवंकर हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर राहुल गांधी टिप्पणी कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने मंच पर मौजूद संदीप दीक्षित को गले लगाया और इसके बाद दीक्षित की ओर से इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का संदर्भ दिया गया। इस टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
वहीं, कांग्रेस की ओर से बीजेपी के आरोपों का जवाब देते हुए दूसरे राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों का हवाला दिया गया। सोशल मीडिया पर भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
राहुल गांधी ने विदेश नीति को लेकर क्या कहा?
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं और विदेशी नेताओं के साथ उनकी मुलाकातों का जिक्र करते हुए विदेश नीति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री का विदेश दौरा केवल दोस्ती निभाने के लिए नहीं, बल्कि देश के हितों और सुरक्षा को ध्यान में रखकर होना चाहिए।
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राहुल गांधी ने इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी और विदेशी नेताओं के बीच होने वाली गर्मजोशी भरी मुलाकातों पर तंज कसा। उन्होंने मंच पर मौजूद संदीप दीक्षित को गले लगाया और इसे प्रधानमंत्री की विदेश नीति से जोड़ते हुए टिप्पणी की।
इसी दौरान संदीप दीक्षित ने राहुल गांधी को बीच में टोका और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का नाम लेते हुए टिप्पणी की। यही हिस्सा बाद में Sandeep Dikshit Meloni controversy का प्रमुख कारण बन गया।
संदीप दीक्षित की टिप्पणी पर क्यों हुआ विवाद?
संदीप दीक्षित की टिप्पणी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो और उसके अलग-अलग हिस्से तेजी से शेयर होने लगे। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के मंच पर एक महिला विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को लेकर आपत्तिजनक और अशोभनीय टिप्पणी की गई।
हालांकि, इस टिप्पणी को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं अलग-अलग रहीं। बीजेपी ने इसे महिला विरोधी मानसिकता और राजनीतिक मर्यादा से जोड़ दिया, जबकि कांग्रेस ने बीजेपी पर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।
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यह विवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया क्योंकि जॉर्जिया मेलोनी इटली की प्रधानमंत्री हैं और भारत तथा इटली के बीच राजनयिक संबंध हैं। ऐसे में बीजेपी नेताओं ने कहा कि किसी मित्र देश की महिला प्रधानमंत्री के बारे में सार्वजनिक मंच पर टिप्पणी करते समय राजनीतिक नेताओं को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर बोला हमला
संदीप दीक्षित की टिप्पणी के बाद बीजेपी के कई नेताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस घटना को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंच पर मौजूद लोगों ने टिप्पणी को गंभीरता से लेने के बजाय उसे मजाक की तरह लिया।
बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वानति श्रीनिवासन ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन महिलाओं के सम्मान और सार्वजनिक जीवन की गरिमा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
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बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने भी राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कार्यक्रम में हुई टिप्पणी को राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया।
कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों पर क्या कहा?
बीजेपी के हमले के बाद कांग्रेस की ओर से भी पलटवार किया गया। कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने एक टीवी डिबेट के दौरान बीजेपी पर चुनिंदा मुद्दों को उठाने का आरोप लगाया।
उन्होंने बीजेपी नेताओं और केंद्र सरकार से जुड़े पुराने विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि राजनीतिक टिप्पणियों और महिलाओं के सम्मान की बात हो रही है तो दूसरे मामलों पर भी चर्चा होनी चाहिए।
कांग्रेस की ओर से यह तर्क दिया गया कि बीजेपी इस घटना को लेकर राजनीतिक मुद्दा बना रही है। पार्टी समर्थकों ने भी सोशल मीडिया पर बीजेपी के आरोपों का जवाब देते हुए पुराने राजनीतिक विवादों और नेताओं के बयानों का हवाला दिया।
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सोशल मीडिया पर भी तेज हुई बहस
Sandeep Dikshit Meloni controversy को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा देखने को मिली। कई पत्रकारों और सोशल मीडिया यूजर्स ने संदीप दीक्षित की टिप्पणी की आलोचना की। कुछ लोगों ने इसे अनावश्यक और अशोभनीय बताते हुए कहा कि राजनीतिक मंचों पर नेताओं को भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
पत्रकार रोहिणी सिंह ने इस विवाद को महिलाओं को लेकर राजनीतिक नजरिए से जोड़ते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। वहीं पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी ने भी संदीप दीक्षित की टिप्पणी पर सवाल उठाए और सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के सम्मान की बात कही।
वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने भी टिप्पणी को अनावश्यक बताते हुए कहा कि गंभीर राजनीतिक बहस को इस तरह के बयानों की वजह से हल्का नहीं किया जाना चाहिए। पत्रकार आशुतोष ने भी टिप्पणी को निंदनीय बताया और राजनीतिक दलों के नेताओं से सार्वजनिक मंच पर अधिक सावधानी बरतने की बात कही।
विवाद के बीच विदेश नीति की बहस पीछे छूटी
पूरे विवाद में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि कार्यक्रम की शुरुआत में राहुल गांधी का मुख्य निशाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति थी। लेकिन संदीप दीक्षित की टिप्पणी के बाद राजनीतिक बहस का केंद्र विदेश नीति से हटकर मेलोनी से जुड़ी टिप्पणी बन गया।
बीजेपी ने जहां इसे कांग्रेस की राजनीतिक सोच और महिला सम्मान से जोड़कर हमला किया, वहीं कांग्रेस ने बीजेपी पर जवाबी आरोप लगाए। इस तरह कुछ ही मिनटों में कार्यक्रम का एक हिस्सा सोशल मीडिया और राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बन गया।
आगे भी जारी रह सकती है सियासी तकरार
इस पूरे घटनाक्रम से एक बार फिर यह सवाल उठा है कि राजनीतिक नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर अपनी भाषा और टिप्पणियों को लेकर कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर जब किसी दूसरे देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व का जिक्र हो, तब ऐसी टिप्पणियां केवल घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं रहतीं।
फिलहाल Sandeep Dikshit Meloni controversy को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। विवाद की राजनीतिक गूंज आने वाले दिनों में भी देखने को मिल सकती है। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और प्रतिक्रियाओं के बीच इस पूरे मामले ने एक बार फिर राजनीतिक संवाद में मर्यादा और जिम्मेदारी को लेकर बहस छेड़ दी है।
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