Gold silver prices surge amid global economic uncertainty and market volatility
Gold Silver Price: वैश्विक बाजार में अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच Gold Silver Price में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। सोने और चांदी दोनों की कीमतों में हाल के दिनों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में भी कीमती धातुओं की चमक बनी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों के साथ-साथ ज्वैलरी खरीदने वाले ग्राहकों की भी नजर अब Gold Silver Price के अगले ट्रेंड पर है।
सोने की कीमत में 5.13% का उछाल
कमोडिटी विशेषज्ञ और मार्केट रिसर्चर डॉ. अनुज गुप्ता के मुताबिक, हालिया तेजी के दौरान सोने की कीमत में करीब 5.13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद घरेलू बाजार में सोना 1,62,438 रुपये प्रति 10 ग्राम के तीन महीने के ऊंचे स्तर तक पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने ने मजबूत प्रदर्शन किया और करीब 5.17 फीसदी की बढ़त के साथ 4,602 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।
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इस तेजी ने एक बार फिर Gold Price को निवेशकों के फोकस में ला दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, सोने के लिए 1,54,000 से 1,57,000 रुपये के आसपास मजबूत सपोर्ट देखा जा रहा है। वहीं 1,65,000 से 1,68,000 रुपये का स्तर आगे महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन हो सकता है।
Silver Price में भी जोरदार तेजी
सोने के साथ-साथ Silver Price में भी तेजी का सिलसिला देखने को मिला है। हालिया कारोबारी दौर में चांदी की कीमत करीब 4.52 फीसदी बढ़कर 2,46,597 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक चांदी में भी आगे तेजी की संभावना बनी हुई है।
चांदी के लिए 2,35,000 से 2,40,000 रुपये के स्तर को मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 2,50,000 से 2,56,000 रुपये के बीच रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है। औद्योगिक मांग के साथ निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी भी Silver Price को सपोर्ट देने वाले प्रमुख कारकों में शामिल है।
अमेरिकी कर्ज बढ़ने से बढ़ी सोने की मांग
सैमको सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड अपूर्व शेठ के अनुसार, सोने की तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण काम कर रहे हैं। इनमें अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़ी चिंताएं प्रमुख हैं। अमेरिका का कुल कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर चुका है और कर्ज का बढ़ता बोझ निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
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ऐसे माहौल में निवेशक अपने पोर्टफोलियो में ऐसे एसेट की तलाश करते हैं, जिसे आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितता के दौरान अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है। सोना लंबे समय से इसी तरह के Safe Haven Asset के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है। यही वजह है कि वैश्विक जोखिम बढ़ने पर सोने की मांग में तेजी देखी जाती है।
डॉलर और ब्याज दरों का भी असर
Gold Silver Price पर डॉलर की मजबूती और अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदों का भी सीधा प्रभाव पड़ता है। जब बाजार में ब्याज दरों में नरमी की संभावना बढ़ती है तो सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों की आकर्षकता बढ़ सकती है।
इसके अलावा केंद्रीय बैंकों की खरीदारी भी सोने के बाजार के लिए महत्वपूर्ण है। दुनिया के कई केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की मांग को समर्थन मिलता है और कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
एक्सपर्ट ने बताया खरीदारी का सही तरीका
ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल के चेयरमैन राजेश रोकड़े के अनुसार, सोने की कीमतों में पहले ही एक महत्वपूर्ण करेक्शन देखने को मिल चुका है। उनका मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में सोने में आगे भी तेजी की गुंजाइश बनी हुई है। उन्होंने सोने में करीब 30 फीसदी तक अतिरिक्त तेजी की संभावना जताई है।
हालांकि, इतनी तेजी की उम्मीद के बावजूद विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशकों को एक ही बार में बड़ी रकम बाजार में नहीं लगानी चाहिए। कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना बेहतर रणनीति हो सकती है। यानी बाजार में गिरावट या छोटे करेक्शन का इंतजार करके धीरे-धीरे निवेश बढ़ाया जा सकता है।
चांदी में सोने से भी ज्यादा तेजी की उम्मीद
विशेषज्ञों की नजर सिर्फ Gold Price पर नहीं बल्कि Silver Price पर भी बनी हुई है। चांदी में औद्योगिक इस्तेमाल लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और अन्य इंडस्ट्री में चांदी की मांग बढ़ने से इसके बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।
राजेश रोकड़े के मुताबिक चांदी में मौजूदा स्तरों से काफी अधिक तेजी की संभावना है और कुछ परिस्थितियों में इसकी कीमत दोगुनी तक होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, चांदी सोने की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव वाला निवेश माना जाता है, इसलिए इसमें जोखिम भी अधिक हो सकता है।
महंगे सोने ने बदली ज्वैलरी की पसंद
लगातार बढ़ते Gold Silver Price का असर ज्वैलरी बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। सोने की कीमतें घरेलू आय की तुलना में तेजी से बढ़ने के कारण कई ग्राहकों के लिए पारंपरिक भारी 22 कैरेट ज्वैलरी खरीदना मुश्किल हो रहा है।
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इसी वजह से बाजार में हल्के वजन वाले गहनों की मांग बढ़ी है। ज्वैलर्स अब 18 कैरेट और 14 कैरेट के साथ 9 कैरेट गोल्ड ज्वैलरी के विकल्प भी ग्राहकों के सामने रख रहे हैं। इसका उद्देश्य कम बजट में ग्राहकों को सोने की ज्वैलरी खरीदने का विकल्प देना है।
आगे कैसा रहेगा Gold Silver Price?
कुल मिलाकर, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी, डॉलर और ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें तथा निवेशकों की सुरक्षित संपत्तियों में बढ़ती दिलचस्पी Gold Silver Price को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक बने हुए हैं।
हालांकि कीमतों में तेजी के बीच निवेशकों को जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचना चाहिए। विशेषज्ञों की रणनीति यही है कि तेज उछाल के दौरान पूरा निवेश करने के बजाय बाजार में आने वाले करेक्शन का इस्तेमाल चरणबद्ध खरीदारी के लिए किया जाए। Gold Price और Silver Price दोनों में आगे तेजी की संभावना बताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कीमतें वैश्विक बाजार, मुद्रा दरों, ब्याज दरों और मांग-आपूर्ति जैसे कई कारकों पर निर्भर करेंगी।
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