Army Chief Upendra Dwivedi addressing soldiers near India Pakistan border in Rajasthan । PIC: DD NEWS
Army Chief Upendra Dwivedi: राजस्थान के अनूपगढ़ में भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर पाकिस्तान ने आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं किया, तो उसे दुनिया के नक्शे पर अपनी जगह बनाए रखने के बारे में सोचना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी सैन्य टकराव की स्थिति बनी तो भारत ऑपरेशन सिंदूर जैसा संयम नहीं दिखाएगा। 3 अक्टूबर 2025 को दिया गया यह बयान भारत की सुरक्षा नीति और आतंकवाद के खिलाफ उसके सख्त रुख को दर्शाता है।
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सीमा पर पहुंचे सेना प्रमुख
Army Chief Upendra Dwivedi: जनरल द्विवेदी ने राजस्थान के अनूपगढ़ क्षेत्र में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास तैनात जवानों से मुलाकात की। उन्होंने सेना की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सैनिकों का मनोबल बढ़ाया और कहा कि भारतीय सेना हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। सीमा पर तैनात जवानों की भूमिका को उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।
पाकिस्तान को दो टूक चेतावनी
Army Chief Upendra Dwivedi: सेना प्रमुख ने पाकिस्तान को चेताते हुए कहा कि अगर वह अपना अस्तित्व और भौगोलिक पहचान बनाए रखना चाहता है, तो उसे राज्य प्रायोजित आतंकवाद रोकना होगा। उनका संदेश था कि भारत अपनी सुरक्षा के साथ समझौता नहीं करेगा। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में पाकिस्तान की ओर से किसी बड़ी उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब पहले से अधिक कठोर हो सकता है।
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ऑपरेशन सिंदूर 2.0 का संकेत
Army Chief Upendra Dwivedi: जनरल द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की संभावना का उल्लेख करते हुए कहा था कि इस बार भारत पहले जैसा संयम नहीं बरतेगा। उनका कहना था कि सेना पूरी तरह तैयार है। हालांकि यह बयान किसी नए सैन्य अभियान की औपचारिक शुरुआत की घोषणा नहीं था, बल्कि संभावित भविष्य की कार्रवाई को लेकर चेतावनी थी।
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता
Army Chief Upendra Dwivedi: मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इस अभियान में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। सेना प्रमुख ने इसे आतंकवाद के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि अभियान ने दुनिया के सामने आतंकवादी ढांचे की मौजूदगी और भारत की सैन्य क्षमता को उजागर किया।
प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र
Army Chief Upendra Dwivedi: अपने संबोधन में जनरल द्विवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर का नाम प्रधानमंत्री ने रखा था। यह नाम देश की महिलाओं और आतंकवादी हमलों से प्रभावित परिवारों की पीड़ा से जुड़ा है। सेना प्रमुख के अनुसार, यह अभियान भारतीय सैनिकों के साहस, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण की याद दिलाता रहेगा।
जवानों को तैयार रहने का संदेश
Army Chief Upendra Dwivedi: सेना प्रमुख ने सीमा सुरक्षा में तैनात जवानों से हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने सैनिकों के आत्मविश्वास और अनुशासन की सराहना की। भारतीय सेना की तैयारियों पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जवान पूरी ताकत से जवाब देने में सक्षम हैं। उनका यह संदेश पाकिस्तान को चेतावनी देने के साथ सैनिकों का मनोबल बढ़ाने वाला भी था।
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वीर सैनिकों को सम्मान
Army Chief Upendra Dwivedi: अनूपगढ़ दौरे के दौरान जनरल द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर में उल्लेखनीय योगदान देने वाले तीन अधिकारियों और कई जवानों को सम्मानित किया। उन्होंने सैनिकों की बहादुरी की प्रशंसा की। भारतीय सेना का सम्मान समारोह यह संदेश भी देता है कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों का योगदान हमेशा महत्वपूर्ण रहेगा।
भारत की सुरक्षा का स्पष्ट संदेश
Army Chief Upendra Dwivedi: जनरल द्विवेदी का बयान भारत-पाकिस्तान संबंधों और सीमा सुरक्षा के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना गया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने स्पष्ट संकेत दिया कि आतंकवाद के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला है। हालांकि किसी भी भविष्य के अभियान का निर्णय परिस्थितियों और राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरतों पर निर्भर करेगा। सेना प्रमुख की चेतावनी का मूल संदेश था कि भारत शांति चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
–समाप्त-
