From Police Constable to SDM: Shyam Babu's Inspiring Success Story
From Police Constable to SDM: कहते हैं कि मेहनत और लगन के दम पर इंसान अपनी किस्मत बदल सकता है। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले श्याम बाबू की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। कभी पुलिस विभाग में सिपाही के तौर पर नौकरी शुरू करने वाले श्याम बाबू ने अपनी मेहनत से PCS परीक्षा पास की और डिप्टी कलेक्टर यानी SDM बन गए। उनकी सफलता की कहानी इसलिए भी खास है, क्योंकि जिस दिन उनका रिजल्ट आया, उस दिन भी वे रोज की तरह अपने (From Police Constable to SDM) अधिकारी के लिए चाय लेने गए थे।
श्याम बाबू ने आर्थिक तंगी के बावजूद पढ़ाई का साथ नहीं छोड़ा। पुलिस की नौकरी करते हुए उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी की। इसके बाद PCS परीक्षा की तैयारी जारी रखी और कई कोशिशों के बाद आखिरकार वह मुकाम हासिल कर लिया, जिसका सपना उन्होंने देखा था। उनकी यह कहानी बताती है कि नौकरी और जिम्मेदारियों (From Police Constable to SDM) के बीच भी बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
10वीं पास करने के बाद पुलिस में बने सिपाही
श्याम बाबू का संबंध उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के एक छोटे से गांव के बेहद गरीब परिवार से है। सीमित आर्थिक साधनों के बीच उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की। 10वीं पास करने के बाद साल 2005 में उनका चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल (Constable) के पद पर हो गया। पुलिस विभाग में नौकरी मिलने के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई बंद नहीं की। ड्यूटी और काम की व्यस्तता के बीच समय निकालकर पढ़ाई जारी रखी। इसी मेहनत का नतीजा (From Police Constable to SDM) रहा कि उन्होंने पहले BA और फिर MA की डिग्री हासिल की।
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नौकरी के साथ शुरू की PCS परीक्षा की तैयारी
ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद श्याम बाबू ने PCS (Provincial Civil Services) परीक्षा देने का फैसला किया। पुलिस की नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं बदला। उन्होंने लगातार परीक्षा में हिस्सा लिया। करीब 4-5 प्रयासों के बाद उन्हें सफलता (From Police Constable to SDM) मिली। उन्होंने PCS की प्रारंभिक परीक्षा (Prelims), मुख्य परीक्षा (Mains) और इंटरव्यू (Interview) के सभी चरण पार किए। 23 फरवरी 2019 को जब PCS का फाइनल रिजल्ट घोषित हुआ, तो श्याम बाबू ने 52वीं रैंक हासिल की। इस सफलता के साथ ही उनका चयन डिप्टी कलेक्टर यानी SDM (Sub-Divisional Magistrate) के पद पर हो गया।
DSP के लिए चाय लेने गए
श्याम बाबू की जिंदगी का सबसे यादगार पल 23 फरवरी 2019 को आया। जिस दिन PCS का रिजल्ट घोषित हुआ, उस दिन भी वे आम दिनों की तरह पुलिस विभाग में अपनी ड्यूटी कर रहे थे। उस समय वे हेड कांस्टेबल के तौर पर DSP के कार्यालय में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान DSP साहब ने उन्हें चाय लाने के लिए भेजा। श्याम बाबू चाय लेने जा ही रहे थे कि रास्ते में उनके मोबाइल फोन पर PCS परीक्षा में सफल होने का मैसेज आ गया। यह खबर उनके लिए किसी सपने (From Police Constable to SDM) के सच होने जैसी थी। जिस परीक्षा के लिए उन्होंने कई साल मेहनत की थी, उसमें अब उनका चयन हो चुका था।
चाय लेकर लौटे तो DSP को सुनाई खुशखबरी
श्याम बाबू चाय लेकर DSP के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने हमेशा की तरह विनम्रता से अधिकारी के सामने चाय रखी और कहा, ‘साहब, मैं पास हो गया, मैं SDM बन गया हूं।’ यह सुनकर DSP साहब भी हैरान रह गए। उन्होंने अपनी कुर्सी से उठकर श्याम बाबू को सैल्यूट किया। इतना ही नहीं, उन्होंने वही चाय श्याम बाबू को पिला दी, जो वे उनके लिए लेकर आए थे। यह पल श्याम बाबू के लिए बेहद खास बन गया। जिस अधिकारी के लिए वे चाय लेकर आए थे, उसी अधिकारी ने उनकी सफलता (From Police Constable to SDM) का सम्मान करते हुए उन्हें सैल्यूट किया।
मेहनत और हौसले की मिसाल बनी श्याम बाबू की कहानी
श्याम बाबू का सिपाही से SDM बनने तक का सफर बताता है कि मुश्किल हालात और जिम्मेदारियां किसी के सपनों को रोक नहीं सकतीं। उन्होंने नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखी, कई बार PCS परीक्षा दी और आखिरकार अपनी मेहनत से सफलता हासिल की। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद (From Police Constable to SDM) बड़े सपने देखते हैं।






