Indian Army Operation Sadbhavana distributing school bags and stationery to children in Ghat village Bani Kathua Jammu Kashmir । IMAGE: INDIAN ARMY VIDEO
Indian Army Operation Sadbhavan: भारतीय सेना ने एक बार फिर अपने मानवीय कर्तव्य और देशवासियों के प्रति समर्पण का परिचय दिया है। ‘ऑपरेशन सद्भावना’ के तहत सेना के जवान जम्मू-कश्मीर के बणी उप-division के घाट गांव पहुंचे, जो ऊँचे पहाड़ों और सीमित सुविधाओं के कारण लंबे समय से विकास से वंचित रहा है। इस अभियान के दौरान सेना ने स्थानीय बच्चों को स्कूल बैग, स्टेशनरी और जरूरी शैक्षणिक सामग्री वितरित की।
1. दुर्गम इलाकों में सेना की मानवीय पहल
घाट गांव बणी क्षेत्र का एक ऐसा इलाका है, जहां तक पहुंचना बेहद मुश्किल है। ऊबड़-खाबड़ रास्ते, सीमित परिवहन सुविधा और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण यहां के लोग आज भी कई सुविधाओं से वंचित हैं। ऐसे में भारतीय सेना का यहां Indian Army Operation Sadbhavana के तहत पहुंचना स्थानीय लोगों के लिए किसी उम्मीद की किरण से कम नहीं था। ‘ऑपरेशन सद्भावना’ का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले नागरिकों की जीवन-शैली को बेहतर बनाना है। सेना ने इस अभियान के जरिए न केवल मदद पहुंचाई, बल्कि लोगों के साथ भरोसे और सहयोग का रिश्ता भी मजबूत किया।

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2. बच्चों के चेहरों पर मुस्कान
इस विशेष कार्यक्रम Indian Army Operation Sadbhavana में सेना के जवानों ने घाट गांव के सरकारी स्कूल में बच्चों को स्कूल बैग, कॉपियां, पेंसिल, पेन और अन्य स्टेशनरी सामग्री दी। छोटे बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। सेना के अधिकारियों ने बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में भी समझाया और उन्हें प्रेरित किया कि वे पढ़ाई में आगे बढ़कर अपने इलाके और देश का नाम रोशन करें। इस पहल ने न केवल बच्चों को प्रोत्साहित किया बल्कि माता-पिता के मन में भी सेना के प्रति सम्मान बढ़ाया।
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3. सेना और जनता के बीच बढ़ा विश्वास
‘Indian Army Operation Sadbhavana का एक अहम उद्देश्य लोगों के दिलों में यह संदेश देना है कि भारतीय सेना सिर्फ सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के हर कोने में विकास और भाईचारे का प्रतीक है। कठुआ जिले के इस दुर्गम क्षेत्र में सेना की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि जहां सरकार या प्रशासन की पहुंच सीमित है, वहां भी भारतीय सेना हमेशा तैयार रहती है।
4. स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया (Indian Army Operation Sadbhavana)
गांव के बुजुर्गों और शिक्षकों ने सेना का आभार जताते हुए कहा कि ऐसे अभियान बच्चों के भविष्य को दिशा देने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से न केवल बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि पूरे समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता आती है। स्थानीय सरपंच ने बताया कि इस क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं की भारी कमी है, लेकिन सेना के ऐसे कदम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
5. ‘ऑपरेशन सद्भावना’ की व्यापकता
‘ऑपरेशन सद्भावना’ भारतीय सेना की एक दीर्घकालिक पहल है, जिसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सीमावर्ती इलाकों में सामाजिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इस अभियान के तहत सेना नियमित रूप से मेडिकल कैंप, खेल प्रतियोगिताएं, स्कूल सहायता कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित करती है। बणी के घाट गांव में हुई यह पहल इस बात का प्रतीक है कि सेना सिर्फ सीमाओं की नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन में शांति, विश्वास और प्रगति लाने की ताकत है।
कठुआ जिले के घाट गांव में ‘ऑपरेशन सद्भावना’ के तहत भारतीय सेना की यह पहल मानवीय सेवा की मिसाल है। दुर्गम इलाकों में जाकर बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना केवल मदद नहीं, बल्कि विश्वास का सेतु बनाना है। भारतीय सेना का यह संदेश स्पष्ट है ‘देश की सीमाएं ही नहीं, हर दिल की सुरक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है।
-समाप्त–
