Kangana Ranaut GST Reforms and Swadeshi campaign in Himachal Pradesh । PIC : ANI
Kangana Ranaut GST Reforms: हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने देश के नए जीएसटी सुधारों की तारीफ करते हुए इन्हें विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया था। सितंबर 2025 में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि अगले 10 से 20 वर्षों में जब देश अपनी विकास यात्रा को देखेगा, तब ये आर्थिक सुधार एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में याद किए जाएंगे। कंगना ने इस दौरान स्वदेशी उत्पादों, स्थानीय उद्योगों और हिमाचल प्रदेश में रोजगार बढ़ाने पर भी जोर दिया था।
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आम जनता को राहत
Kangana Ranaut GST Reforms को लेकर कंगना रनौत ने कहा था कि सरकार का उद्देश्य आम लोगों के जीवन को आसान बनाना है। नए जीएसटी ढांचे के तहत कई जरूरी वस्तुओं पर कर की दरें कम की गईं। सितंबर 2025 से लागू प्रमुख बदलावों में सामान्य कर की दो दरें 5 और 18 प्रतिशत रखी गईं, जबकि चुनिंदा वस्तुओं और सेवाओं के लिए 40 प्रतिशत की विशेष दर निर्धारित की गई। इससे कई घरेलू सामानों पर कर का बोझ कम हुआ।
विकसित भारत का सपना
Kangana Ranaut GST Reforms पर बोलते हुए भाजपा सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि आर्थिक मजबूती के लिए सरकार के साथ नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। कंगना के अनुसार, देश में बनने वाले सामानों को प्राथमिकता देने से स्थानीय कारोबार मजबूत होगा। इससे छोटे व्यापारियों, किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
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स्वदेशी का संदेश
Kangana Ranaut GST Reforms के साथ उन्होंने स्वदेशी अभियान को जोड़ते हुए लोगों से भारतीय उत्पाद खरीदने की अपील की थी। उन्होंने बताया कि पदयात्रा के माध्यम से लोगों को नए सुधारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कंगना ने इन बदलावों को देशभर में ‘बचत उत्सव’ के रूप में मनाने की बात भी कही थी। उनका संदेश था कि स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ने से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
बाहरी दबाव पर बयान
Kangana Ranaut GST Reforms की चर्चा करते हुए सांसद ने वैश्विक चुनौतियों का भी उल्लेख किया था। उन्होंने कहा कि बाहरी ताकतें भारत को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे समय में देशवासियों को एकजुट होकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने आर्थिक स्वावलंबन, भारतीय उद्योगों और स्थानीय उत्पादन को राष्ट्रीय विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया।
हिमाचल में रोजगार की उम्मीद
Kangana Ranaut GST Reforms के साथ कंगना ने हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक संपदा पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में मिलने वाली औषधीय जड़ी-बूटियों से साबुन, सौंदर्य प्रसाधन और प्राकृतिक उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। यदि इन उद्योगों को तकनीकी सहायता, निवेश और बेहतर बाजार मिले, तो स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
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आयुर्वेद को बढ़ावा
Kangana Ranaut GST Reforms के संदर्भ में उन्होंने हिमाचल को आयुर्वेद और प्राकृतिक उत्पादों का प्रमुख केंद्र बनाने की संभावनाएं बताईं। कंगना के अनुसार, राज्य में उपलब्ध औषधीय संसाधनों का उचित उपयोग करके छोटे उद्योग विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से सहयोग मिलने पर जैविक और प्राकृतिक उत्पादों से जुड़े उद्योगों के विस्तार की उम्मीद जताई थी।
2026 में क्या बदला?
Kangana Ranaut GST Reforms से जुड़ी चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश में कर व्यवस्था को सरल बनाने की प्रक्रिया जारी है। अक्टूबर 2026 में जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक के दौरान विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं के कर संबंधी प्रावधानों पर अतिरिक्त सिफारिशें की गईं। इनमें कारोबार से जुड़े नियमों की स्पष्टता और प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने जैसे विषय शामिल रहे। इससे स्पष्ट है कि जीएसटी व्यवस्था में सुधार लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
स्थानीय उद्योगों पर नजर
Kangana Ranaut GST Reforms पर कंगना का बयान केवल कर व्यवस्था तक सीमित नहीं था। उन्होंने आर्थिक सुधारों के साथ स्वदेशी, प्राकृतिक उत्पादों और स्थानीय रोजगार को जोड़ने की आवश्यकता बताई। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों में छोटे उद्योगों को बाजार, प्रशिक्षण और निवेश उपलब्ध कराना भविष्य में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हालांकि, इन संभावनाओं को वास्तविक रोजगार में बदलने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी होगा।
-समाप्त-
