Yamuna Cleaning विवाद के बीच सोनिया विहार में यमुना में डुबकी लगाते भाजपा सांसद मनोज तिवारी । IMAGE;TEAM
Yamuna Cleaning: दिल्ली में यमुना की सफाई एक बार फिर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है। आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और जल मंत्री प्रवेश वर्मा पर यमुना सफाई को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने यमुना में स्नान कर सफाई के काम में सुधार का दावा किया। ऐसे में दिल्ली की यमुना को लेकर सवाल उठ रहा है कि नदी वास्तव में कितनी साफ हुई है?
ALSO READ: गायकी से राजनीति तक मैथिली ठाकुर का सफर, अलीनगर विधानसभा चुनाव में 11,730 वोटों से जीत
2016 में शुरू हुई बड़ी पहल
Yamuna Action Plan: यमुना को साफ करने की कोशिशें नई नहीं हैं। वर्ष 2016 में केंद्र की तत्कालीन मंत्री उमा भारती और दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने यमुना एक्शन प्लान-3 से जुड़ी योजनाएं शुरू की थीं। इनमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट सुधारने, नालों की सफाई और नदी से कचरा हटाने के काम शामिल थे। उस समय 36 महीने में यमुना सफाई के बड़े लक्ष्य की बात हुई थी। लेकिन वर्षों बाद भी यमुना प्रदूषण गंभीर समस्या बना हुआ है।
2022 के रसायन पर विवाद
Yamuna Cleaning वर्ष 2022 में छठ पूजा से पहले आम आदमी पार्टी सरकार ने यमुना का झाग हटाने के लिए डी-फोमिंग रसायन इस्तेमाल किया था। उस समय भाजपा नेता प्रवेश वर्मा ने इसका विरोध करते हुए रसायन को खतरनाक बताया था। सौरभ भारद्वाज का आरोप है कि भाजपा ने तब यमुना सफाई का काम बाधित किया और अधिकारियों से गलत व्यवहार किया। हालांकि यह आप का आरोप है। यमुना के झाग को हटाने की इस तकनीक पर विवाद वर्षों से जारी है।
ALSO READ: Today’s top news headlines in India in English and Hindi, today’s news headlines in English
भाजपा पर दोहरे रवैये का आरोप
Yamuna Cleaning अक्टूबर 2025 में सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि जिस रसायन को भाजपा पहले जहरीला बताती थी, अब उसी तकनीक का इस्तेमाल उसकी सरकार कर रही है। आप नेता ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और प्रवेश वर्मा से जवाब मांगा। पार्टी नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि पहले इस्तेमाल किया गया रसायन गलत था, तो अब उसका प्रयोग क्यों हो रहा है? यमुना सफाई विवाद में आप ने भाजपा से दिल्ली की जनता को स्पष्टीकरण देने और पुराने आरोपों पर माफी मांगने की मांग की।
Yamuna Cleaning: मनोज तिवारी ने लगाई डुबकी
Manoj Tiwari Yamuna Dip: 29 अक्टूबर 2026 को भाजपा सांसद मनोज तिवारी सोनिया विहार पहुंचे और यमुना में स्नान किया। उन्होंने आचमन भी किया और दावा किया कि भाजपा सरकार के दौरान नदी के बड़े हिस्से की सफाई हुई है। तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सराहना करते हुए अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी को भी डुबकी लगाने की चुनौती दी। यमुना सफाई अभियान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि शेष हिस्से को भी साफ किया जाएगा।
Yamuna Cleaning: अगले दिन दिखा झाग
Yamuna Pollution: मनोज तिवारी की डुबकी के अगले दिन, 30 अक्टूबर को कालिंदी कुंज क्षेत्र में यमुना की सतह पर मोटी झाग दिखाई दी। इसके बाद यमुना प्रदूषण को लेकर सवाल फिर तेज हो गए। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पल्ला से वजीराबाद तक नदी का हिस्सा पहले से अपेक्षाकृत साफ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उस हिस्से की तस्वीर दिखाकर पूरी दिल्ली की यमुना में सुधार का संदेश दे रही है।
ALSO READ: बिहार MLC चुनाव के बाद JDU में सब ठीक? बधाई पोस्टर से ललन सिंह का नाम गायब, बयानों ने बढ़ाई चर्चा
असली समस्या कहां है?
Delhi Yamuna River: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 2016 में ही दिल्ली के नालों से आने वाले सीवेज और औद्योगिक गंदे पानी को प्रदूषण का प्रमुख कारण बताया था। यमुना सफाई के लिए सिर्फ झाग हटाना पर्याप्त नहीं है। नालों का गंदा पानी रोकना, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बेहतर बनाना और नियमित जल परीक्षण जरूरी है। यमुना प्रदूषण का स्थायी समाधान तभी संभव है, जब नदी में गंदगी पहुंचने से रोकी जाए।
जनता को चाहिए साफ यमुना
Yamuna Cleaning Project: वर्ष 2016 से 2026 तक सरकारें और राजनीतिक परिस्थितियां बदल गईं, लेकिन यमुना सफाई का सवाल आज भी बना हुआ है। भाजपा सुधार का दावा कर रही है, जबकि आम आदमी पार्टी सरकारी दावों पर सवाल उठा रही है। दिल्ली की जनता के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि यमुना का पानी वास्तव में सुरक्षित और प्रदूषणमुक्त बने। नदी की सफाई का सही प्रमाण राजनीतिक बयान या एक डुबकी नहीं, बल्कि नियमित वैज्ञानिक जांच और लंबे समय तक बेहतर रहने वाली जल गुणवत्ता होगी।
-समाप्त-

“5” पर Yamuna Cleaning: दिल्ली यमुना सफाई पर AAP-BJP में घमासान, मनोज तिवारी ने डुबकी लगाकर दिया जवाब! के विचार