JPSC JSSC Recruitment Movement begins from Ramgarh with students demanding transparent and corruption-free recruitment.(PC- PTI)
JPSC JSSC Recruitment Movement: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्रों और अभ्यर्थियों का आंदोलन अब एक नए चरण में प्रवेश करने जा रहा है। JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पारदर्शिता की कमी और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों को लेकर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आंदोलन के दूसरे चरण का ऐलान किया है। JPSC JSSC Recruitment Movement के तहत शुरू होने वाली यह यात्रा रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित लुकैया टांड़ से शुरू होगी।
आयोजकों के मुताबिक, यह स्थान दिशोम गुरु शिबू सोरेन का पैतृक गांव है। यात्रा की शुरुआत झारखंड की पारंपरिक आदिवासी संस्कृति और रीति-रिवाजों के साथ की जाएगी। अभियान का उद्देश्य अलग-अलग जिलों के अभ्यर्थियों को एक मंच पर लाकर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को मजबूती देना है।
शिबू सोरेन के गांव से होगा अभियान का आगाज
JPSC JSSC Recruitment Movement के दूसरे चरण की शुरुआत पारंपरिक तरीके से करने की तैयारी है। कार्यक्रम में वरिष्ठ पाहन की मौजूदगी में पारंपरिक विधि-विधान का पालन किया जाएगा। इसके बाद मांदर की धुन के बीच राष्ट्रगान होगा और सखुआ यानी साल के पौधे का रोपण किया जाएगा।
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आयोजकों का कहना है कि यात्रा का यह शुभारंभ केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि झारखंड की मिट्टी, संस्कृति, प्रकृति और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक होगा। इसके जरिए आंदोलन को स्थानीय संस्कृति और युवाओं की आकांक्षाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
24 जिलों तक पहुंचेगी भर्ती सुधार यात्रा
रामगढ़ से शुरू होने वाली JPSC JSSC Recruitment Movement की यह यात्रा राज्य के अलग-अलग हिस्सों से होकर गुजरेगी। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार यात्रा हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़ और जामताड़ा पहुंचेगी।
इसके बाद अभियान धनबाद, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, सिमडेगा, गुमला और लातेहार होते हुए पलामू और गढ़वा तक जाएगा। यात्रा का समापन रांची में किए जाने की योजना है।
इस दौरान स्थानीय अभ्यर्थियों से बातचीत, उनकी समस्याओं को समझने और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों को सामने लाने पर जोर रहेगा। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि अलग-अलग जिलों में युवाओं को अभियान की मांगों से जोड़कर व्यापक जनसमर्थन तैयार किया जाएगा।
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JPSC और JSSC भर्ती में पारदर्शिता की मांग
छात्र आंदोलन का मुख्य मुद्दा झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की मांग है। अभ्यर्थियों की ओर से JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
देवेंद्र नाथ महतो का कहना है कि योग्य उम्मीदवारों को निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए और भर्ती प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिस पर अभ्यर्थियों का भरोसा कायम रहे। आंदोलन के जरिए परीक्षा व्यवस्था, चयन प्रक्रिया और उससे जुड़े प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई जाएगी।
कानूनी लड़ाई में भी अभ्यर्थियों को मिलेगा सहयोग
JPSC JSSC Recruitment Movement में सिर्फ सड़क पर आंदोलन तक सीमित रहने के बजाय कानूनी विकल्पों पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए अधिवक्ताओं की एक लीगल टीम यात्रा के साथ रहेगी।
आयोजकों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों में यदि कोई अभ्यर्थी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाहता है, तो उसे आवश्यक कानूनी जानकारी और प्रक्रिया संबंधी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवारों को इंटरवेनर के रूप में अदालत की कार्यवाही में शामिल होने के लिए वकालतनामा और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं के संबंध में मदद देने की बात कही गई है।
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इस पहल का उद्देश्य यह है कि भर्ती प्रक्रिया से प्रभावित अभ्यर्थी अपनी शिकायतों और अधिकारों को कानूनी माध्यम से भी सामने रख सकें। आंदोलन के आयोजकों का दावा है कि इससे छात्रों की लड़ाई को संवैधानिक और न्यायिक दोनों स्तरों पर आगे बढ़ाया जा सकेगा।
हिंसा से दूरी, शांतिपूर्ण आंदोलन पर जोर
आंदोलन के दूसरे चरण को लेकर आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि JPSC JSSC Recruitment Movement पूरी तरह संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से संचालित किया जाएगा। अभियान में हिंसा, उपद्रव या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को शामिल नहीं किया जाएगा।
देवेंद्र नाथ महतो और आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता अभ्यर्थियों की मांगों को सरकार और भर्ती संस्थाओं तक शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचाना है। इसके लिए जनसंवाद, जागरूकता और लोकतांत्रिक माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा।
युवाओं के बीच बढ़ रहा उत्साह
रामगढ़ से शुरू होने वाली यात्रा को लेकर झारखंड के अलग-अलग हिस्सों के अभ्यर्थियों में उत्साह देखने को मिल रहा है। आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं का दावा है कि कई जिलों में छात्रों और युवाओं से संपर्क किया जा रहा है और उन्हें अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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पिछले चरण में रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हुए छात्र आंदोलन के बाद देवेंद्र नाथ महतो इस अभियान के प्रमुख चेहरों में रहे हैं। अब दूसरे चरण में आंदोलन को राजधानी से बाहर जिलों तक ले जाने की रणनीति बनाई गई है।
युवाओं के भविष्य से जुड़ा अभियान: आयोजक
आंदोलनकारियों के मुताबिक उनका लक्ष्य केवल किसी एक परीक्षा या भर्ती प्रक्रिया को लेकर विरोध दर्ज कराना नहीं है। वे झारखंड में ऐसी सरकारी भर्ती व्यवस्था चाहते हैं, जिसमें चयन प्रक्रिया स्पष्ट हो, योग्य उम्मीदवारों को समान अवसर मिले और किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
JPSC JSSC Recruitment Movement अब 24 जिलों तक पहुंचाने की तैयारी के साथ राज्यव्यापी स्वरूप लेने जा रहा है। रामगढ़ के नेमरा से शुरू होने वाली यह यात्रा कितने बड़े स्तर पर अभ्यर्थियों और युवाओं को जोड़ पाती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल आंदोलन के दूसरे चरण के ऐलान ने झारखंड की भर्ती व्यवस्था और छात्र राजनीति को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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